सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में MCD का बुलडोजर एक्शन, 34 इमारतें ढहाईं; 17 सील
सत्य निकेतन PG हादसे में 7 मौतों के बाद MCD ने दिल्ली में खतरनाक इमारतों और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. बुधवार को 34 इमारत ढहाए गए, जबकि 17 संपत्तियां सील हुईं.
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सत्य निकेतन PG हादसे के बाद नगर निगम ने अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. बुधवार को MCD ने राजधानी के सभी 12 जोन में कार्रवाई करते हुए 34 निर्माण ढहाए. इसके अलावा 17 संपत्तियों को सील किया गया, 22 कारण बताओ नोटिस जारी हुए और चार मामलों में तोड़फोड़ के आदेश दिए गए. निगम का फोकस अब उन इमारतों पर है, जहां निर्माण नियमों का उल्लंघन या ढांचे की सुरक्षा को लेकर खतरा सामने आया है.
बुधवार की कार्रवाई में जामा मस्जिद इलाके की गली गोंदनी वाली में संपत्ति संख्या 1412 पर ग्राउंड फ्लोर की छत के दो हिस्से और एक विभाजन दीवार हटाई गई. बाजार सीताराम की सड़क प्रेम नारायण स्थित संपत्ति संख्या 3881 में भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई हुई. विकास नगर और सेक्टर 17, द्वारका में खतरनाक घोषित इमारतों को भी अभियान में शामिल किया गया.
इन इलाकों में भी हुई कार्रवाई
राणा प्रताप बाग में तीसरी मंजिल की RCC छत के चार पैनल और पहली मंजिल का एक पैनल तोड़ा गया. लोहे के सरिए गैस कटर से काटे गए और दूसरी मंजिल की ईंट की दीवारें भी हटाई गईं. मॉडल टाउन के सरदार नगर में तीन RCC स्लैब पैनल तोड़े गए. इससे पहले मंगलवार को भी 17 संपत्तियों पर बुलडोजर चला था और पांच को सील किया गया था.
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दिल्ली में PG इमारतों का सर्वे
MCD ने दिल्ली में चल रहे PG भवनों का व्यापक सर्वे भी शुरू किया है. अब तक करीब 1,252 ऐसी इमारतों की पहचान हुई है, जहां लगभग 24 हजार लोग रह रहे हैं. निगम खास तौर पर पांच से ज्यादा मंजिल वाली और RCC फ्रेम वाली इमारतों पर ध्यान दे रहा है. चार मंजिला लोड-बेयरिंग ईंट की दीवारों वाली इमारतों को भी जांच में शामिल किया गया है.
चार श्रेणियों में होगी जांच
मैदानी निरीक्षण के आधार पर PG इमारतों को चार श्रेणियों में बांटा जा रहा है. इनमें सुरक्षित, मामूली मरम्मत की जरूरत वाली, बड़ी मरम्मत की जरूरत वाली और कमजोर या खतरनाक इमारतें शामिल हैं. सर्वे पूरा करने की समय सीमा 10 सितंबर रखी गई है. MCD का कहना है कि नियमों के उल्लंघन, अवैध निर्माण या संरचनात्मक खतरे वाली संपत्तियों पर जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.
कार्रवाई और तेज करने की तैयारी
MCD ने साफ किया है कि अवैध निर्माण, संपत्तियों के गलत इस्तेमाल और खतरनाक ढांचों के खिलाफ अभियान आने वाले दिनों में और तेज होगा. निगम ने कई अन्य संपत्तियों की पहचान भी की है, जहां बड़ी कार्रवाई की तैयारी है. सत्य निकेतन हादसे के बाद घनी आबादी वाले इलाकों और PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारतों की सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.