दिल्ली के तैमूर नगर में अतिक्रमण पर चलता रहेगा बुलडोजर, HC ने रोक लगाने से क्यों किया इनकार?
Taimoor Nagar Drain: दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को तैमूर नगर ड्रेन (नाला) के आसपास बनी अवैध झुग्गियों को हटाने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी. अदालत ने साफ कहा कि ये अवैध निर्माण नाले के बहाव में रुकावट बन रहे हैं, जिससे हाल ही में रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी थी.
Taimoor Nagar Drain: दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को तैमूर नगर ड्रेन (नाला) के आसपास बनी अवैध झुग्गियों को हटाने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी. अदालत ने साफ कहा कि ये अवैध निर्माण नाले के बहाव में रुकावट बन रहे हैं, जिससे हाल ही में रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी थी.
तैमूर नगर एक्सटेंशन के इंदिरा गांधी कैंप पार्ट-1 में रहने वाले 14 झुग्गीवासियों ने डीडीए की तरफ से की जा रही तोड़फोड़ के खिलाफ याचिका दायर की थी. अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इन लोगों का रहना अवैध और बिना अनुमति के है.
कोर्ट ने यह भी कहा कि सार्वजनिक जमीन पर कब्जा करने वाले कुछ लोगों के अधिकार, लाखों कानूनी रूप से रहने वाले नागरिकों के अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकते.
बारिश और जलभराव का संबंध
अदालत ने कहा कि पिछले हफ्ते दिल्ली में एक दिन में रिकॉर्ड बारिश हुई थी, जिसके बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया. इसकी वजह यह है कि तैमूर नगर नाले की सफाई और विस्तार नहीं हो पाय, क्योंकि उसके किनारे अवैध निर्माण हो गए हैं. कोर्ट ने फोटोज देखकर कहा कि ये झुग्गियां नहीं, बल्कि पक्के मकान हैं जो पूरी तरह सार्वजनिक जमीन पर बनाए गए हैं. किसी भी व्यक्ति के पास यह साबित करने का दस्तावेज नहीं था कि वे 592 मान्यता प्राप्त झुग्गीवासियों की सूची में शामिल हैं.
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कोर्ट की चेतावनी और निर्देश
कोर्ट ने कहा कि मानसून जल्द आने वाला है, इसलिए नाले का विस्तार तुरंत जरूरी है. साथ ही, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) को आदेश दिया कि इन लोगों को रात में रहने के लिए आश्रय उपलब्ध कराएं. कोर्ट ने कहा कि अगर DUSIB ने सहयोग नहीं किया, तो उसके अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
महिलाओं-बुजुर्गों को राहत
दालत ने यह भी कहा कि तोड़फोड़ के दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को अपना सामान शांति से निकालने दिया जाए, ताकि कोई कानून-व्यवस्था की समस्या न हो.