दिल्ली को ट्रैफिक जाम से आजाद करने की कवायद, विधायकों से मिले फुट ओवर ब्रिज के 60 प्रस्ताव
लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने पिछले साल सभी दिल्ली विधायकों को पत्र लिखकर अपने-अपने क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम और सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर सुझाव मांगे थे.
दिल्ली सरकार को राजधानी में फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाने को लेकर विधायकों से कुल 60 प्रस्ताव मिले हैं. इन प्रस्तावों का मकसद पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और लगातार बढ़ रही ट्रैफिक समस्या को कम करना है. सरकार ने बताया कि ये सभी सुझाव अलग-अलग इलाकों से जुड़े हैं, जहां सड़क पार करना लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है.
PWD मंत्री ने मांगे थे सुझाव
लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने पिछले साल सभी दिल्ली विधायकों को पत्र लिखकर अपने-अपने क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम और सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर सुझाव मांगे थे. इसके बाद विधायकों ने फुट ओवर ब्रिज और फ्लाईओवर निर्माण से जुड़े प्रस्ताव सरकार को भेजे.
विधानसभा में दी गई जानकारी
दिल्ली विधानसभा के हाल ही में हुए शीतकालीन सत्र के दौरान सीमापुरी से विधायक वीर सिंह धींगान के सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने यह जानकारी दी. सरकार ने बताया कि विधायकों से मिले सभी 60 प्रस्तावों को आगे की जांच के लिए अलग-अलग मुख्य अभियंताओं (चीफ इंजीनियर) को भेज दिया गया है.
किन इलाकों में FOB की जरूरत
प्रस्तावों के अनुसार, आजादपुर मंडी गेट नंबर-5, गाजीपुर रोड पर क्राउन प्लाजा के पास, अंधेरिया मोड़, छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास, टीबी हॉस्पिटल क्रॉसिंग, कुतुब मीनार गेट के सामने, जेएनयू गेट के सामने, मौजपुर चौक, नंदनगरी के जीटीबी एन्क्लेव, रोहिणी सेक्टर-24 और नंदनगरी डिपो जैसे इलाकों में फुट ओवर ब्रिज की जरूरत बताई गई है.
आगे क्या होगी प्रक्रिया
PWD अधिकारियों के अनुसार, अगला कदम यह होगा कि इन सभी जगहों पर ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा. इसके बाद प्रस्तावों को PWD की सबवे समिति के सामने रखा जाएगा. मंजूरी मिलने पर निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे.
ट्रैफिक जाम से निपटने की योजना
PWD मंत्री प्रवेश वर्मा एक उच्चस्तरीय ट्रैफिक जाम समिति का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें ट्रैफिक पुलिस और विशेषज्ञ भी शामिल हैं. इस समिति का उद्देश्य दिल्ली में लंबे समय तक चलने वाले और टिकाऊ समाधान तैयार करना है.
रात में होंगे निर्माण कार्य
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि बड़े निर्माण कार्य रात के समय किए जाएं, ताकि दिन में ट्रैफिक कम से कम प्रभावित हो और लोगों को परेशानी न हो.