'शिव-शक्ति से ऊपर कोई नहीं', केजरीवाल -सिसोदिया के बरी होने पर बोली दिल्ली के पूर्व CM की पत्नी सुनीता

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब नीति मामले में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और विजय नायर को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है. अदालत ने सीबीआई की जांच में गंभीर कमियां पाते हुए सख्त टिप्पणी की है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति में पिछले कई महीनों से चले आ रहे विवादित शराब नीति मामले में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और विजय नायर को इस मामले में पूरी तरह बरी कर दिया है. वही अदालत के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा है कि सच की हमेशा जीत होती है.

अदालत का फैसला आते ही अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी खुशी साझा की. उन्होंने एक भावुक पोस्ट में लिखा, 'इस संसार में कोई कितना भी शक्तिशाली हो जाए, शिव शक्ति से ऊपर नहीं हो सकता. सच की हमेशा जीत होती है.' वही अदालत के इस इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने की संभावना है, क्योंकि अदालत ने इस मामले में जांच एजेंसी के की लापरवाही भी उजागर की है.

शराब नीति मामले में कोर्ट ने क्या कहा?

इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश जितेन्द्र सिंह ने अपना महत्वपूर्ण आदेश पारित किया. अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि आरोपियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की 'ओवरऑल साजिश' या 'आपराधिक मंशा' का कोई प्रमाण नहीं मिला है. न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि अरविंद केजरीवाल को इस पूरे मामले में बिना किसी ठोस सामग्री या साक्ष्य के आरोपित किया गया था. कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई तार्किक आधार नजर नहीं आता.

CBI को फटकार और आरोपपत्र की कमियां 

फैसला सुनाते हुए अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्यशैली को लेकर कड़ी नाराजगी जताई. जज ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि एजेंसी ने बिना किसी पुख्ता सबूत के इन नेताओं को इस केस में शामिल किया. अदालत ने विस्तृत आरोपपत्र का विश्लेषण करते हुए पाया कि इसमें कई बड़ी खामियां हैं. कोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी द्वारा पेश किए गए दावों का समर्थन करने के लिए न तो कोई विश्वसनीय गवाह मौजूद है और न ही कोई ठोस बयान सामने आया है. अदालत ने जोर देकर कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ भी कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता है.