दिल्ली में ठंड और प्रदूषण का डबल अटैक, मौसम विभाग ने येलो अलर्ट किया जारी; बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह

दिल्ली में लगातार पांचवें दिन सर्दी का सितम जारी रहा. तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया, वहीं, वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है.

Anuj

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है. लगातार गिरते तापमान ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, ठंड का यह दौर अभी खत्म होने वाला नहीं है और कम से कम शुक्रवार तक जारी रह सकता है. सुबह और रात के समय सर्द हवाएं लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रही हैं. इसके साथ ही, बिगड़ती हवा की गुणवत्ता ने हालात को और गंभीर बना दिया है.

सर्दी का सितम जारी

दिल्ली में गुरुवार को लगातार पांचवें दिन शीत लहर का प्रकोप देखने को मिला. मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में ठंडी हवाओं के कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई. ठंड का असर पूरे शहर में महसूस किया गया. सुबह और शाम के समय गलन काफी ज्यादा रही, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

इस सीजन की सबसे ठंडी सुबह

सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी की सबसे ठंडी सुबह रही. यह सामान्य से करीब पांच डिग्री कम था. इससे पहले जनवरी 2023 में इतनी ठंड पड़ी थी. अधिकतम तापमान भी 19.5 डिग्री रहा, जो औसत से नीचे दर्ज हुआ.

अलग-अलग इलाकों में तापमान का हाल

दिल्ली के अन्य इलाकों में भी तापमान सामान्य से कम रहा. पालम में अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री और न्यूनतम 2.3 डिग्री दर्ज किया गया. लोधी रोड में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री रहा. रिज क्षेत्र में यह 4.5 डिग्री और अयानगर में 2.7 डिग्री दर्ज हुआ. पालम में न्यूनतम तापमान 2010 के बाद सबसे कम रहा.

येलो अलर्ट और आगे का अनुमान

मौसम विभाग ने ठंड को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान करीब 21 डिग्री और न्यूनतम लगभग 4 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. अधिकारियों के अनुसार, ठंडी हवाएं और कम धूप के कारण लोगों को अभी कुछ दिन और सर्दी झेलनी पड़ सकती है.

हवा की गुणवत्ता बनी चिंता का कारण

ठंड के साथ-साथ दिल्ली की हवा भी गंभीर स्थिति में बनी हुई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 349 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है. कई इलाकों में AQI 300 से ऊपर रहा. प्रदूषण के प्रमुख कारणों में परिवहन, उद्योग और घरेलू उत्सर्जन शामिल हैं. लोगों को बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.