दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को मिली बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलते ही मचा हड़कंप
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को मंगलवार सुबह करीब 8:39 बजे धमकी भरा ईमेल मिला. इसमें विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. पुलिस ने परिसर की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है.
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के आधिकारिक ईमेल पते पर मंगलवार सुबह एक धमकी भरा संदेश पहुंचा. करीब 8:39 बजे मिले इस ईमेल में विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी. संदेश सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं.
मामले की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम विधानसभा परिसर पहुंची. पुलिसकर्मियों ने पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की जांच की और संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए.
खालिस्तानी संगठन के नाम से भेजे जाने का दावा
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, धमकी भरा ईमेल कथित तौर पर एक खालिस्तानी संगठन की ओर से भेजा गया है. हालांकि, ईमेल की वास्तविकता और इसके पीछे किसका हाथ है, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. पुलिस मामले से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है.
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दिल्ली विधानसभा और स्पीकर को इस तरह की धमकी पहले भी मिल चुकी है. इसी साल मार्च में विधानसभा परिसर में बम विस्फोट की चेतावनी वाले ईमेल भेजे गए थे. उस समय स्पीकर के आधिकारिक खाते पर सुबह 7:49 बजे और विधानसभा के आधिकारिक ईमेल पर सुबह 7:28 बजे संदेश पहुंचा था. इन संदेशों में उपराज्यपाल तरनजीत संधू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा समेत कई नेताओं का जिक्र किया गया था.
विजेंद्र गुप्ता को मिली Z श्रेणी की सुरक्षा
अज्ञात ईमेल के माध्यम से धमकी मिलने के बाद विजेंद्र गुप्ता की सुरक्षा बढ़ाई गई थी. विधानसभा सचिवालय के मुताबिक, उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है. इसके तहत गुप्ता की सुरक्षा के लिए विशेष टीम चौबीसों घंटे तैनात रहती है. उनके साथ एक अलग सुरक्षा वाहन भी उपलब्ध कराया गया है. ताजा धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं.हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब बम से उड़ाने की धमकी मिली हो. इससे पहले भी कई बार पुलिस को धमकी भरा ईमेल अलग-अलग जगहों को लेकर आ चुका है. हालांकि हर बार जांच के दौरान ऐसे ईमले फर्जी निकले हैं, लेकिन इसकी गंभीरता को समझते हुए जांच की जा रही है.