दिल्ली में GRAP-3 हटते ही प्राइवेट कंस्ट्रक्शन शुरू, कई इलाकों में अब भी हवा ‘खराब’

दिल्ली की हवा में सुधार के बाद GRAP-3 हटा लिया गया है. निजी निर्माण और BS-3, BS-4 वाहनों को राहत मिली है, लेकिन कई इलाकों में वायु गुणवत्ता अब भी खराब बनी हुई है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: राजधानी के लोगों के लिए कुछ राहत भरी खबर सामने आई है. बीते दिनों गंभीर वायु प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली की हवा में अब सुधार दर्ज किया गया है. औसत AQI 222 तक गिरने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP के तीसरे चरण को हटाने का फैसला लिया है. इससे निर्माण कार्यों और वाहनों पर लगे कई प्रतिबंध समाप्त हो गए हैं, हालांकि खतरा पूरी तरह टला नहीं है.

GRAP-3 हटने का फैसला क्यों लिया गया

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की उप-समिति ने AQI के हालिया आंकड़ों और मौसम के पूर्वानुमान की समीक्षा के बाद GRAP-3 को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया. आयोग के अनुसार तेज हवाओं और बेहतर वेंटिलेशन की वजह से प्रदूषण में गिरावट आई है. मंगलवार को दिल्ली का औसत AQI 222 दर्ज किया गया, जो पहले के गंभीर स्तर से काफी नीचे है.

निर्माण कार्यों को मिली राहत

GRAP-3 हटने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में निजी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर लगी रोक हटा दी गई है. खनन और उससे जुड़ी गतिविधियां भी दोबारा शुरू हो सकेंगी. इससे रियल एस्टेट क्षेत्र और निर्माण श्रमिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. लंबे समय से बंद पड़े प्रोजेक्ट अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ सकते हैं.

वाहनों पर लगे प्रतिबंध हुए खत्म

इस फैसले के बाद BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल चार पहिया वाहनों पर लगा प्रतिबंध भी समाप्त कर दिया गया है. दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में भी वाहन मालिकों को राहत मिली है. इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों और परिवहन क्षेत्र को काफी सहूलियत मिलेगी.

अभी भी कई इलाकों में खराब हवा

हालांकि औसत AQI में सुधार हुआ है, लेकिन सुबह के समय कुछ इलाकों में AQI 350 के आसपास दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है. हवा में PM 2.5 का स्तर करीब 190 और PM 10 लगभग 268 बना हुआ है. विशेषज्ञों के अनुसार यह स्तर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए अब भी जोखिम भरा है.

GRAP-1 और GRAP-2 जारी, सतर्कता जरूरी

आयोग ने साफ किया है कि GRAP-1 और GRAP-2 के तहत प्रतिबंध अभी जारी रहेंगे. सड़कों पर पानी का छिड़काव, कचरा जलाने पर रोक और होटल-रेस्तरां में कोयला या लकड़ी के तंदूर पर प्रतिबंध लागू रहेगा. आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार कम हुई तो प्रदूषण फिर बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.