दिल्ली में AQI 300 पार, स्मॉग की चादर में घिरी राजधानी; सांस लेना भी हुआ मुश्किल

दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. AQI 300 के पार चला गया है और 35 से अधिक इलाकों में हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है, जिससे सांस की दिक्कतें बढ़ रही हैं.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: नए साल के दूसरे हफ्ते में राजधानी दिल्ली दमघोंटू हवा और कड़ाके की ठंड की दोहरी मार झेल रही है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और DPCC के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के अधिकांश इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच चुका है. स्मॉग की मोटी परत और ठंडी हवाओं की कमी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है.

सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाके

आज सुबह 6 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार नेहरू नगर (AQI 346) और पूसा (345) सबसे अधिक प्रदूषित इलाके रहे. इसके बाद मुंडका (339), चांदनी चौक (335) और डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज (331) का स्थान रहा. इन क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर के बेहद करीब पहुंच गई है, जहां स्वस्थ लोगों को भी आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है.

दिल्ली में AQI की स्थिति

दिल्ली के कई हिस्से ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किए गए हैं. आनंद विहार, जहांगीरपुरी, द्वारका सेक्टर-8 और आरके पुरम में AQI 320 से ऊपर रहा. अशोक विहार, बवाना, पंजाबी बाग और वजीरपुर जैसे इलाकों में AQI 300 से 320 के बीच दर्ज हुआ. वहीं IGI एयरपोर्ट, आया नगर और लोधी रोड में स्थिति अपेक्षाकृत खराब श्रेणी में रही.

इलाकेवार AQI: पूरी लिस्ट

CPCB और DPCC के अनुसार, आनंद विहार (328), जहांगीरपुरी (326), ओखला फेज-2 (326), सिरीफोर्ट (330), पूसा (345), नेहरू नगर (346), मुंडका (339) और रोहिणी (306) जैसे इलाके प्रदूषण की चपेट में हैं. अलीपुर, बुराड़ी, नजफगढ़ और नॉर्थ कैंपस जैसे क्षेत्रों में भी AQI 250 से ऊपर दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता.

क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, शीतलहर और हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषक कण वातावरण में फंस गए हैं. ठंड के कारण PM2.5 और PM10 जैसे कण जमीन के पास ही जमा हो रहे हैं. उत्तर-पश्चिमी हवाएं कमजोर पड़ने से धूल और धुएं का फैलाव नहीं हो पा रहा है, जिससे स्मॉग की मोटी परत बन गई है और हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. सुबह के समय बाहर निकलने से बचने और जरूरत पड़ने पर N-95 मास्क पहनने की सिफारिश की गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें और खुले में कचरा जलाने से बचें, ताकि प्रदूषण और न बढ़े.