जहां कभी नक्सली राज था... वहां पहली बार लहराएगा तिरंगा, बस्तर के 92 गांवों में 15 अगस्त 2026 होगा ध्वजारोहण
छत्तीसगढ़ में इस बार 15 अगस्त को बस्तर संभाग के 92 गांवों में पहली बार ध्वजारोहण किया जाएगा. इनमें बीजापुर के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर के 9 गांव शामिल हैं. प्रदेश में 10 से 14 अगस्त तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी.
रांची: छत्तीसगढ़ में इस बार स्वतंत्रता दिवस का आयोजन खास होने जा रहा है. बस्तर संभाग के 92 ऐसे गांवों में 15 अगस्त को पहली बार ध्वजारोहण किया जाएगा, जहां अब तक नक्सली प्रभाव के कारण तिरंगा फहराने का आयोजन नहीं हो पाता था. बीजापुर के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर के 9 गांवों को इस अभियान में शामिल किया गया है.
उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा के अनुसार इन गांवों में स्वतंत्रता दिवस के दिन ध्वजारोहण की तैयारियां की जा रही हैं. इन नए गांवों के साथ उन गांवों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा, जहां पहले से स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण होता रहा है. सरकार का कहना है कि बस्तर के दूरस्थ और अंदरूनी इलाकों तक राष्ट्रीय पर्व की गतिविधियां पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
कब निकलेगी तिरंगा यात्रा?
छत्तीसगढ़ में 10 से 14 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान के साथ तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी. इसका प्रदेश स्तरीय शुभारंभ 10 अगस्त को राजधानी रायपुर में सुबह 10 बजे मरीन ड्राइव से किया जाएगा. भारतीय जनता पार्टी और भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में तिरंगा यात्रा और बाइक रैली आयोजित करने की तैयारी है.
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सरकार और संगठन का क्या है दावा?
बस्तर के उन गांवों तक भी अभियान पहुंचाने की योजना है, जहां पहले नक्सली घटनाएं या मुठभेड़ हुई हैं. कार्यकर्ता दूरस्थ इलाकों में जाकर ग्रामीणों को तिरंगा अभियान से जोड़ेंगे. सरकार और संगठन का दावा है कि इस अभियान के जरिए बस्तर के ग्रामीण इलाकों में राष्ट्रीय पर्व और देशभक्ति की भावना को मजबूत किया जाएगा.
हर घर तिरंगा अभियान के तहत नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों और अन्य लोगों के परिजनों के घर जाकर भाजपा और भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता तिरंगा भेंट करेंगे. इसके जरिए शहीदों के बलिदान को सम्मान देने और उनके परिवारों के साथ एकजुटता दिखाने की योजना है.
गृहमंत्री विजय शर्मा ने क्या कहा?
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के कई गांव लंबे समय तक नक्सली प्रभाव में रहे और वहां संविधान तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहुंच प्रभावित रही. ऐसे क्षेत्रों में 15 अगस्त को तिरंगा फहराना सरकार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है.
विजय शर्मा के अनुसार इस वर्ष छत्तीसगढ़ में 500 से अधिक स्थानों का नाम शहीदों के नाम पर रखने की योजना है. इनमें स्कूल, चौराहे और सामुदायिक भवन शामिल होंगे. इन नामों की अंतिम घोषणा मुख्यमंत्री की ओर से की जाएगी.
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि हर घर तिरंगा और तिरंगा यात्रा अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा. पहले चरण में 10 से 14 अगस्त तक पूरे प्रदेश में तिरंगा यात्राएं आयोजित होंगी. प्रदेश के 450 से अधिक मंडलों में कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है.