पैसे नहीं थे तो बाइक को ही बना दिया एंबुलेंस! घाट बांधकर बीमार पत्नी के इलाज के लिए भटका पति, तस्वीर देख रो पड़ेंगे आप
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में समलु मरकाम अपनी बीमार पत्नी को बाइक पर खाट बांधकर इलाज के लिए भटकते रहे. कलेक्टर गोपाल वर्मा ने तुरंत एंबुलेंस भेजकर महिला को अस्पताल में भर्ती कराया. परिवार अब भी स्थायी मदद का इंतजार कर रहा है.
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. नागवही गांव के निवासी समलु मरकाम अपनी एक साल से गंभीर बीमार पत्नी को बेहतर इलाज दिलाने के लिए बाइक पर खाट बांधकर अस्पतालों के चक्कर लगा रहे थे. गुरुवार को जब वह इसी हालत में कलेक्ट्रेट पहुंचे तो कलेक्टर गोपाल वर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया और एंबुलेंस के जरिए महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. यह घटना गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है.
पत्नी के इलाज के लिए भटका पति
समलु मरकाम पिछले एक साल से अपनी बीमार पत्नी को लेकर विभिन्न अस्पतालों में दौड़ रहे थे. आर्थिक तंगी के कारण वे पत्नी को बाइक पर खाट बांधकर ले जाते थे. तेज धूप और खराब सड़कों के बावजूद वे लगातार इलाज की उम्मीद में भटकते रहे, लेकिन कोई स्थायी राहत नहीं मिल सकी.
खाट बाइक पर बांध, पत्नी को लिटा पहुंचे कलेक्ट्रेट
गुरुवार को समलु मरकाम अपनी पत्नी को खाट पर लिटाकर बाइक से सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे. उन्होंने कलेक्टर से आर्थिक मदद की गुहार लगाई. तेज धूप में पत्नी के साथ खड़े समलु की तस्वीर देखकर हर कोई हैरान रह गया. कलेक्टर गोपाल वर्मा ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर महिला को अस्पताल पहुंचाया.
एक साल से लगा रहे अस्पतालों के चक्कर
बोड़ला विकासखंड के नागवही गांव निवासी समलु मरकाम करीब एक साल से अपनी पत्नी की बीमारी से जूझ रहे हैं. वे खाट को बाइक पर बांधकर पत्नी को लिटाते और इस जुगाड़ से अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे. आर्थिक संकट के कारण उन्हें बार-बार दौड़ना पड़ रहा था, लेकिन ठोस इलाज नहीं हो पा रहा था.
पहले भी वायरल हुआ था समलु का वीडियो
इस घटना से पहले समलु मरकाम का अपनी पत्नी को बाइक पर खाट बांधकर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था. उस समय उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी थी. हालांकि यह राशि इलाज के लिए काफी नहीं हो सकी और पत्नी की हालत लगातार बिगड़ती गई.
क्यों नहीं मिल पा रहा योजनाओं का लाभ?
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गरीब परिवारों को लाखों रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध है. फिर भी समलु मरकाम जैसे परिवार इन योजनाओं का लाभ क्यों नहीं ले पा रहे, यह बड़ा सवाल बन गया है. परिवार अब स्थायी सहायता की उम्मीद लगाए बैठा है.