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भारत में अपनी आखिरी सांसें गिन रहा 'लाल सलाम', छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक इतने नक्सली ढेर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने के लक्ष्य के साथ सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन तेज कर दिए हैं. 2024 से अब तक 471 माओवादी मारे जा चुके हैं. हालांकि, इस दौरान माओवादी हिंसा में 39 सुरक्षाकर्मी और 107 नागरिक भी मारे गए हैं.

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Sagar Bhardwaj

Naxalites Killed In Chhattisgarh This Year: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में रविवार सुबह सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में तीन माओवादियों को मार गिराया गया. इस घटना के साथ, इस साल राज्य में मारे गए माओवादियों की संख्या 252 तक पहुंच गई है. इनमें से 223 केवल बस्तर क्षेत्र में ढेर किए गए, जिसमें कांकेर, बस्तर, कोंडागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिले शामिल हैं. पिछले साल छत्तीसगढ़ में कुल 219 माओवादी मारे गए थे, जिनमें 217 बस्तर क्षेत्र से थे.

यह मुठभेड़ कांकेर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत चिंदखड़क गांव के पास पहाड़ी क्षेत्र में हुई. कांकेर के पुलिस अधीक्षक आई कल्याण एलेसेला ने बताया, “माओवादियों की गतिविधियों की सूचना पर, कांकेर और गरियाबंद के डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन शुरू किया.” मारे गए माओवादियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल थे. उनके पास से एक सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक स्वचालित हथियार, एक .303 राइफल और एक 12-बोर बंदूक बरामद की गई. इन पर कुल 14 लाख रुपये का इनाम था.

मारे गए माओवादियों की पहचान

मृतकों की पहचान सर्वन मड़कम (उर्फ विश्वनाथ, सितानंदी रवास कमेटी का समन्वय प्रभारी, 8 लाख का इनाम), राजेश (उर्फ राकेश हेमला, नगरी क्षेत्र कमेटी सदस्य और स्थानीय संगठन दस्ता कमांडर, 5 लाख का इनाम), और बसंती कुंजम (उर्फ हिदमे पियेम, प्रोटेक्शन टीम सदस्य, 1 लाख का इनाम) के रूप में हुई.

माओवाद के खात्मे की अपील

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा, “माओवादी विचारधारा अब अंत की ओर है. हम माओवादी कैडरों से हिंसा छोड़कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने और मुख्यधारा में शामिल होने की अपील करते हैं. अवैध और हिंसक गतिविधियों को जारी रखने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.”

 माओवाद के खिलाफ तेज अभियान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने के लक्ष्य के साथ सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन तेज कर दिए हैं. 2024 से अब तक 471 माओवादी मारे जा चुके हैं. हालांकि, इस दौरान माओवादी हिंसा में 39 सुरक्षाकर्मी और 107 नागरिक भी मारे गए हैं.