धान के टोकन के लिए 120 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा किसान, वीडियो में देखें हाईवोल्टेज ड्रामा; नीचे खड़ी होकर मिन्नतें करती पत्नी
अनिल के पास लगभग 2.77 एकड़ जमीन है, जहां उन्होंने इस साल अच्छी धान की फसल उगाई. उन्होंने पहले ही मंडी में 29 क्विंटल धान बेच दिया था, लेकिन 150 बोरा धान अभी भी उनके पास है.
जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में धान खरीदी की समस्या ने एक किसान को इतना परेशान कर दिया कि उसने हैरान करने वाला कदम उठा लिया. ग्राम कसौंदी के 35 वर्षीय अनिल गढ़वाल शनिवार सुबह करीब 9 बजे घर से निकले और गांव के पास लगे 120 फीट ऊंचे हाई टेंशन बिजली टावर पर चढ़ गए. नीचे खड़ी होकर उनकी पत्नी मिन्नतें करती रही.
वे करीब तीन घंटे तक ऊपर बैठे रहे. इस दौरान कभी वे झूलते दिखे, तो कभी पोल पकड़कर नीचे आने की कोशिश करते नजर आए. इस घटना का वीडियो काफी वायरल हो रहा है.
किसान पर डेढ़ लाख का कर्ज
अनिल के पास लगभग 2.77 एकड़ जमीन है, जहां उन्होंने इस साल अच्छी धान की फसल उगाई. उन्होंने पहले ही मंडी में 29 क्विंटल धान बेच दिया था, लेकिन 150 बोरा धान अभी भी उनके पास है. खरीदी का आज आखिरी दिन था, लेकिन बार-बार जाने के बावजूद उनका टोकन नहीं कटा. इस वजह से वे बहुत तनाव में थे. ऊपर से उन पर डेढ़ लाख रुपये का कर्ज भी था, जिसकी चिंता और बढ़ गई.
ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना
घटना की सूचना मिलते ही गांव वाले इकट्ठा हो गए. ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. सिटी कोतवाली की टीम मौके पर पहुंची. तहसीलदार राजकुमार मरावी भी अपनी टीम लेकर घटनास्थल पर आए. अनिल को समझाने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं माना. अनिल ने ऊपर से ही चिल्लाकर कहा, 'जब तक मेरा बचा हुआ धान नहीं बिकेगा, मैं नीचे नहीं उतरूंगा.'
अधिकारियों ने दिया आश्वासन
इसके बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर होमगार्ड्स को बुलाया और टावर के नीचे सुरक्षा जाली लगा दी, जिससे बड़ी अनहोनी को टाला जा सके. यह हाईवोल्टेज ड्रामा करीब 3 घंटे तक चलता रहा. आखिरकार अधिकारियों के बार-बार भरोसा दिलाने और बात करने से अनिल नीचे उतर आए. उतरते ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने जांच की और उनकी हालत स्थिर बताई.
धान खरीदी व्यवस्था की खामी
यह घटना छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है. कई जगहों पर टोकन न मिलने, सर्वर खराब होने या मंडी में गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं. किसान अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए परेशान हैं. अनिल जैसे किसानों की यह मजबूरी दिखाती है कि उन्हें कितना तनाव झेलना पड़ रहा है. उम्मीद है कि सरकार जल्दी ऐसी समस्याओं का समाधान निकालेगी, ताकि किसानों को राहत मिल सके और ऐसी घटनाएं न हों.
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