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Chhattisgarh Naxal Surrender: माओवादियों का बम बनाने वाला आज 170 नक्सलियों के साथ करेगा सरेंडर, सीएम चंद्रबाबू नायडू पर हुए हमले में था शामिल

Chhattisgarh Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ में गुरुवार को 170 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया. आज, समूह का बम निर्माता तक्कलापल्ली वासुदेव राव उर्फ ​​रूपेश और डीकेजेडसी माड संभाग प्रभारी रनिता, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष औपचारिक रूप से हथियार डालेंगे.

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Km Jaya

Chhattisgarh Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में गुरुवार को हथियार डालने वाले 170 माओवादी कथित तौर पर आज औपचारिक आत्मसमर्पण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष पेश होंगे. अधिकारियों ने बताया कि इस समूह में कई वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हैं जो मध्य भारत के उग्रवादी क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं.

आत्मसमर्पण करने वालों में 59 वर्षीय तक्कलापल्ली वासुदेव राव जिसे रूपेश भी कहा जाता है वह भी शामिल है, जिसे माओवादियों का बम निर्माता बताया जाता है और जो आखिरी बार छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में सक्रिय था. खुफिया रिकॉर्ड उसे 2 दिसंबर, 2000 को तत्कालीन आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर हुए हमले और 1999 में राजनीतिक और पुलिस अधिकारियों की हत्याओं से जोड़ते हैं. दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKZC) के माड डिवीजन का नेतृत्व करने वाले रनिता भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल हैं.

हाई-प्रोफाइल दलबदल से संबंध

यह सामूहिक आत्मसमर्पण पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य और प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के वैचारिक प्रमुख मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू/अभय/भूपति द्वारा हाल ही में हथियार डालने के बाद हुआ है. खुफिया रिपोर्टों में कहा गया है कि रूपेश सोनू का समर्थक था और सशस्त्र संघर्ष छोड़ने का फैसला करने से पहले दोनों संपर्क में थे.

केंद्र ने इस कदम का किया स्वागत 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पोस्ट किया कि गुरुवार को छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में पिछले दिन 27 और महाराष्ट्र में 61 और दो दिनों में 258 ने आत्मसमर्पण किया था. शाह ने हिंसा त्यागने के फैसले की सराहना की और अबूझमाड़ और उत्तरी बस्तर को 'नक्सल आतंक से मुक्त' बताया. उन्होंने 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के सरकार के लक्ष्य को दोहराया.

नक्सल आतंक से मुक्त घोषित 

उन्होंने राज्य सरकार के कार्यभार संभालने के बाद से अब तक के कुल आंकड़े भी गिनाए: 2,100 आत्मसमर्पण, 1,785 गिरफ्तारियां और 477 मारे गए. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'यह बेहद खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तरी बस्तर, जो कभी आतंकवादियों के गढ़ थे, आज नक्सल आतंक से मुक्त घोषित कर दिए गए हैं. अब दक्षिणी बस्तर में नक्सलवाद का एक अंश बचा है, जिसे हमारे सुरक्षा बल जल्द ही मिटा देंगे.' उन्होंने कहा, 'मैं भारत के संविधान में विश्वास जताते हुए हिंसा त्यागने के उनके फैसले की सराहना करता हूं. यह इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा इस समस्या को समाप्त करने के अथक प्रयासों के कारण नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें ले रहा है.'

मोदी सरकार की नीति स्पष्ट- अमित शाह

गृह मंत्री शाह ने आगे कहा कि मोदी सरकार की नीति स्पष्ट है, जो लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उनका स्वागत है और जो लोग बंदूक चलाना जारी रखेंगे, उन्हें हमारी सेना के प्रकोप का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा, 'मैं उन लोगों से फिर अपील करता हूं जो अभी भी नक्सलवाद की राह पर हैं कि वे अपने हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं. हम नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 से पहले जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'

अब तक 2100 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

शाह ने कहा कि जनवरी 2024 से, छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद, 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1785 गिरफ्तार किए गए हैं और 477 का सफाया किया गया है. उन्होंने कहा, 'ये संख्याएं 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाती हैं.'