Chhattisgarh liquor scam: छत्तीसगढ़ में ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई, शराब घोटाले से जुड़े कांग्रेस नेता के घर समेत 15 ठिकानों पर मारा छापा

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बार फिर संयुक्त रूप से ताबड़तोड़ कार्रवाई की है.

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Garima Singh

Chhattisgarh liquor scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बार फिर संयुक्त रूप से ताबड़तोड़ कार्रवाई की है. दंतेवाड़ा, सुकमा, अंबिकापुर, जगदलपुर और रायपुर जैसे प्रमुख जिलों में एक साथ छापेमारी की गई.

जांच एजेंसियों ने लगभग 15 ठिकानों पर एकसाथ दबिश दी है. अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की गहन छानबीन की जा रही है. हालांकि, अभी तक बरामद सामग्री की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद कई सनसनीखेज खुलासे हो सकते हैं. 

दंतेवाड़ा में कांग्रेस नेता के ठिकानों पर रेड

दंतेवाड़ा जिले में छापेमारी का मुख्य निशाना कांग्रेस नेता राजकुमार तामो रहे, जिन्हें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का करीबी माना जाता है. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, राजकुमार तामो का नाम पहले भी इस घोटाले के संदर्भ में कई बार उछला है. ACB और EOW को शक है कि शराब घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज या सबूत तामो की संपत्तियों और कार्यालयों से मिल सकते हैं. इसीलिए सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम तक चली. 

सुकमा में चार ठिकानों पर तलाशी

सुकमा जिले में भी जांच एजेंसियों ने अपनी सक्रियता दिखाई. जिला मुख्यालय में तीन स्थानों और तोंगापाल में एक स्थान पर छापेमारी की गई. ये ठिकाने कथित तौर पर कवासी लखमा के रिश्तेदारों या पुराने सहयोगियों से जुड़े हैं. सुकमा में सुबह से ही हलचल मची रही, और जैसे ही जांच टीम पहुंची, इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. 'टीम ने दस्तावेजों की गहन जांच की और कुछ जगहों से कम्प्यूटर और मोबाइल भी जब्त किए. 

हाई प्रोफाइल नामों का घोटाले से जुड़ाव

छत्तीसगढ़ का यह शराब घोटाला अब तक के सबसे बड़े घोटालों में से एक बनता जा रहा है, जिसमें कई रसूखदार हस्तियों के नाम सामने आए हैं. पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, कुछ पूर्व आईएएस अधिकारी और अन्य नेता इस मामले में संदिग्ध हैं. दिसंबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायपुर में कवासी लखमा के आवास पर छापा मारा था. इसके बाद उनके बेटे हरीश कवासी और करीबियों के ठिकानों पर भी कार्रवाई हुई थी. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी इस मामले में पूछताछ हो चुकी है.