बिहार के गोपालगंज पहुंचा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़ा जन सैलाब, देखें वीडियो
पूर्वी चंपारण में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाला विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से यूपी होते हुए गोपालगंज के बल्थरी चेकपोस्ट पहुंचा.
बिहार में धार्मिक आस्था का एक ऐतिहासिक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब दुनिया का विशालकाय शिवलिंग राज्य की सीमा में पहुंचा. मोतिहारी में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापित किए जाने वाला यह भव्य शिवलिंग जैसे ही गोपालगंज जिले में दाखिल हुआ, वैसे ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. लोग इसे देखने और पूजा-अर्चना करने के लिए सड़क किनारे जुटने लगे.
यूपी से होकर गोपालगंज में हुआ प्रवेश
यह विशाल शिवलिंग उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार में प्रवेश कर रहा है. शनिवार को जब यह गोपालगंज के बलथरी चेकपोस्ट के पास पहुंचा, तो वहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई. ट्रक जहां-जहां से गुजर रहा है, लोग फूल, अगरबत्ती और चंदन से पूजा करते नजर आए. पूरे इलाके में भक्तिमय माहौल बन गया.
मोतिहारी में बन रहा विराट रामायण मंदिर
पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी के कैथवलिया गांव में विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. यह मंदिर कल्याणपुर प्रखंड में चकिया–केसरिया पथ पर स्थित है. मंदिर की नींव 20 जून 2023 को बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के तत्कालीन अध्यक्ष आईएएस किशोर कुणाल द्वारा रखी गई थी. इसके बाद से मंदिर का प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नदी मंडप और गर्भगृह से जुड़ा पाइलिंग कार्य पूरा हो चुका है.
33 फीट ऊंचा, 210 टन वजनी शिवलिंग
इस मंदिर में स्थापित होने वाला शिवलिंग आकार और वजन दोनों में अद्भुत है. इसकी ऊंचाई करीब 33 फीट है और वजन लगभग 210 मीट्रिक टन बताया जा रहा है. यह शिवलिंग ब्लैक ग्रेनाइट के एक ही विशाल पत्थर से तैयार किया गया है. इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम में पिछले 10 वर्षों में तैयार किया गया, जिस पर करीब 3 करोड़ रुपये की लागत आई है.
96 चक्के वाले ट्रक से हो रहा परिवहन
इतने भारी और विशाल शिवलिंग को विशेष 96 चक्के वाले ट्रक से बिहार लाया जा रहा है. रास्ते में पूरी सावधानी बरती जा रही है. जिला प्रशासन और पुलिस बल सुरक्षा में तैनात हैं, ताकि यात्रा सुरक्षित रूप से पूरी हो सके.
भारतीय शिल्पकला का अद्भुत नमूना
इस शिवलिंग में दक्षिण भारतीय नक्काशी शैली की साफ झलक दिखाई देती है. एक ही पत्थर से बना यह शिवलिंग भारतीय शिल्पकला का बेजोड़ उदाहरण माना जा रहा है. प्रशासन के अनुसार, इसे गंतव्य तक पहुंचने में अभी 50 से 60 घंटे और लग सकते हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है.