मौत के मुंह से वापस आ गया पूरा परिवार, पटरी पर शरीर को छू कर गुजर गई ट्रेन; खौफनाक वीडियो आया सामने
बिहार के समस्तीपुर में शाहपुर पटोरी स्टेशन पर शॉर्टकट के चक्कर में तीन महिलाएं और एक बच्चा मालगाड़ी की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए. सूझबूझ के कारण एक बेहद खौफनाक हादसा होने से टल गया.
पटना: रेलवे स्टेशनों पर होने वाली जल्दबाजी अक्सर जानलेवा साबित होती है, लेकिन बिहार के समस्तीपुर से एक ऐसा मामला आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है. शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर एक ही परिवार के कई सदस्य मौत के मुंह से जिंदा वापस लौट आए. शादी की खुशियां मनाकर लौट रहे इस परिवार के साथ प्लेटफॉर्म बदलने के दौरान यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी. इस पूरे वाकये का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है.
मिली जानकारी के मुताबिक, रोसड़ा का यह परिवार वैशाली के जंदाहा में एक विवाह समारोह से वापस आ रहा था. वे ऑटो से पटोरी स्टेशन पहुंचे और हाजीपुर के रास्ते वापस घर जाने की तैयारी में थे. पूरा परिवार आराम से प्लेटफॉर्म नंबर दो पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहा था, लेकिन तभी अचानक अनाउंसमेंट हुआ कि उनकी ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आ रही है. यह सुनते ही हड़बड़ाहट में उन्होंने फुटओवर ब्रिज की जगह पटरियों से जाने का फैसला किया.
मौत के सामने दिया गजब सूझबूझ का परिचय
ट्रेन छूटने के डर से परिवार के पुरुष सदस्य तो पटरी पार कर गए, लेकिन तीन महिलाएं और एक मासूम बच्चा बीच में ही रह गए. इसी दौरान ट्रैक पर अचानक तेज रफ्तार मालगाड़ी आ गई. जान पर बन आई देख महिलाओं ने हिम्मत नहीं हारी और बच्चे को सीने से लगाकर प्लेटफॉर्म की खड़ी दीवार से खुद को बिल्कुल चिपका लिया. मालगाड़ी के करीब दस डिब्बे उनके बेहद करीब से सनसनाती हुई रफ्तार में गुजर गए, जिससे स्टेशन पर खड़े लोगों की सांसें अटक गईं.
मामूली चोटों के साथ बची जान
तेजी से गुजरती मालगाड़ी के निचले लोहे के हिस्सों के टकराने से महिलाओं को शरीर पर कुछ चोटें जरूर आईं, लेकिन उनकी सूझबूझ ने चारों की जान बचा ली. ट्रेन के रुकने या गुजरने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत पटोरी अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि सभी सुरक्षित हैं और चोटें गंभीर नहीं हैं.
अस्पताल में भर्ती घायलों की पहचान रोसड़ा निवासी सोनाली देवी, जयमाला देवी और ममता देवी के रूप में हुई है. इस खौफनाक मंजर का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है. कुछ लोग जहां बच्चे को बचाने के लिए मां की ममता और महिलाओं की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग इस कदम को बेहद गैर-जिम्मेदाराना और जानलेवा लापरवाही करार दे रहे हैं.