नीतीश सरकार की नई पॉलिसी से सड़कों का होगा इलाज, गड्ढों की जानकारी देने पर मिलेगा नकद इनाम

बिहार सरकार सड़कों के गड्ढों से निजात दिलाने के लिए नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी लाने जा रही है. पथ निर्माण मंत्री ने रोड एंबुलेंस और गड्ढा बताने पर इनाम की योजना का संकेत दिया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

पटना: बिहार में जर्जर और गड्ढों से भरी सड़कें लंबे समय से आम लोगों की परेशानी बनी हुई हैं. लेकिन अब इस समस्या से राहत की उम्मीद जगी है. नीतीश सरकार सड़क सुधार को लेकर एक नई और अनोखी पहल की तैयारी कर रही है. पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने संकेत दिए हैं कि बिहार में सड़कों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए इंसानों जैसी व्यवस्था बनाई जाएगी.

पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा है कि बिहार सरकार अब सड़कों के स्वास्थ्य को लेकर एक ठोस नीति बनाने जा रही है. जिस तरह इंसानों की सेहत के लिए हेल्थ पॉलिसी होती है, उसी तर्ज पर सड़कों की निगरानी और देखभाल की व्यवस्था होगी. इसका उद्देश्य समय रहते गड्ढों और खराब सड़कों की मरम्मत करना है ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके.

रोड एंबुलेंस से होगा त्वरित इलाज

मंत्री ने बताया कि नई नीति के तहत रोड एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी. जैसे बीमार व्यक्ति के लिए एक कॉल पर एंबुलेंस पहुंचती है, वैसे ही सड़क के घायल होने पर रोड एंबुलेंस मौके पर पहुंचेगी. हर चौक और चौराहे पर रोड एंबुलेंस का नंबर लगाया जाएगा ताकि लोग आसानी से सूचना दे सकें.

72 घंटे में गड्ढे भरने की बाध्यता

डॉ. जायसवाल के अनुसार, गड्ढे की सूचना मिलने के बाद 72 घंटे के भीतर उसकी मरम्मत अनिवार्य होगी. अगर तय समय में काम नहीं हुआ तो संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद बिहार की सड़कों पर गड्ढे नजर नहीं आएंगे.

15 फरवरी के बाद लागू होगी नीति

मंत्री ने बताया कि जनवरी में ही नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी को अंतिम रूप दिया जा रहा है. यह नीति 15 फरवरी के बाद पूरे राज्य में लागू होगी. इसके बाद सड़क कहीं भी खराब होगी, तो तुरंत उसका उपचार किया जाएगा. सरकार इसे सड़क व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार मान रही है.

गड्ढा बताओ, इनाम पाओ योजना

डॉ. जायसवाल ने यह भी कहा कि बिहार सरकार देश की पहली ऐसी नीति लाने पर विचार कर रही है, जिसमें सड़क पर गड्ढा बताने पर पांच हजार रुपये तक का इनाम मिल सकता है. इस योजना से आम लोग भी निगरानी तंत्र का हिस्सा बनेंगे. इससे ठेकेदार और अधिकारी ज्यादा सतर्क रहेंगे.

पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई का दावा

मंत्री ने कहा कि वे हर विभाग में पारदर्शिता के साथ काम करते हैं. पथ निर्माण विभाग में कई इंजीनियरों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है. उन्होंने याद दिलाया कि राजस्व और भूमि सुधार मंत्री रहते हुए उन्होंने 136 अधिकारियों पर कार्रवाई की थी, जिनमें से कई को जेल और निलंबन का सामना करना पड़ा था.