भाषण के दौरान कर रहे थे CM नीतीश की मिमिक्री, अब विधान परिषद से निकाल दिए गए RJD के सुनील सिंह
सिंह उच्च जाति के राजपूत नेता हैं और पिछले दो दशकों से आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं. सिंह बिहार स्टेट कॉपरेटिव मार्केटिंग यूनियन के भी प्रमुख हैं. विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने सिंह के निष्कासन को लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया है. सिंह के अलावा आरजेडी के अन्य एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब को भी सीएम नीतीश कुमार की नकल उतारने के लिए सदन से निष्कासित किया गया है
Bihar News: मख्यमंत्री नीतीश कुमार की नकल उतारना आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह को भारी पड़ गया. परिषद की आचार समिति की सिफारिश के आधार पर कार्यकारी परिषद सभापति ने शुक्रवार को उन्हें सदन से निष्कासित कर दिया. समिति ने गुरुवार को उनके निष्कासन को हरी झंडी दे दी. दरअसल, इस साल 13 फरवरी को परिषद की कार्यवाही के दौरान सिंह ने अपने भाषण में नीतीश कुमार की नकल करने की कोशिश की थी.
यह लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय
विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने सिंह के निष्कासन को लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया है.
मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगा
वहीं अपने निष्कासन पर सिंह ने कहा, 'मैंने कभी भी सीएम की नकल नहीं उतारी. यहां तक की सीएम की नकल उतारने पर किसी की सदन की सदस्यता नहीं छीनी जाती. नीतीश कुमार ऐसे सीएम हैं जिन्होंने मुझ जैसे इंसान को परिषद में धमकी दी थी. उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगा. वह ऐसे सीएम हैं जो महिलाओं का अपमान करते हैं. उनके शासन काल में भ्रष्टाचार के कई मामले हुए हैं.'
एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब दो दिन के लिए निष्कासित
सिंह के अलावा आरजेडी के अन्य एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब ने भी सीएम नीतीश कुमार की नकल उतारने की कोशिश की थी. हालांकि माफी मांगने के बाद उन्हें दो दिन के लिए सदन से निष्कासित किया गया है. सिंह ने माफी मांगने से मना कर दिया था.
लालू यादव के करीबी माने जाते हैं सिंह
बता दें कि सिंह उच्च जाति के राजपूत नेता हैं और पिछले दो दशकों से आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं. सिंह बिहार स्टेट कॉपरेटिव मार्केटिंग यूनियन के भी प्रमुख हैं. आचार समिति द्वारा परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट के एक दिन बाद उनके निष्कासन के प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित किया गया. 13 फरवरी को सदन में हुई तीखी बहस के बाद सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करने का भी आरोप लगाया गया है.
आरजेडी ने काला बैज लगाकर किया विरोध
यह फैसला मानसून सत्र के आखिरी दिन लिया गया इसलिए अब सिंह का निष्कासन अगले सत्र की शुरुआत से प्रभावी होगा. सिंह को निष्कासित करने के विरोध में राबड़ी देवी समेत आरजेडी के विधायक काला बैज लगाकर सदन पहुंचे.