'गरीब हूं, बीड़ी पीता हूं, लेकिन खून नहीं चूसता', पवन सिंह की 'सस्ता नशा' वाली टिप्पणी पर खेसारी ने किया पलटवार

भोजपुरी सिनेमा के दो बड़े सितारों के बीच जुबानी जंग चरम पर है और इसकी वजह है बिहार में जारी विधानसभा चुनाव। जी हां, एक तरफ जहां पवन सिंह NDA के पक्ष में रैलियां कर रहे हैं वही खेसारी लाल यादव राजद की टिकट पर चुनावी मैदान में हैं और दोनों एक दूसरे पर लगातार टिप्पणी कर रहे हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

पटना: भोजपुरी सिनेमा के दो बड़े सितारे, पवन सिंह और खेसारी लाल यादव, इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहे हैं. दोनों के बीच बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर शुरू हुई बहस अब निजी टिप्पणियों तक पहुंच गई है. दोनों एक-दूसरे पर खुलकर निशाना साध रहे हैं, जिससे भोजपुरी इंडस्ट्री में तनाव का माहौल बन गया है.

दरअसल, हाल ही में खेसारी लाल यादव ने अपनी पत्नी को लेकर एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि मैं अपनी पत्नी की एक बहन की तरह रक्षा करता हूं.इस बयान को लेकर काफी विवाद हुआ और कई लोगों ने इसे गलत तरीके से पेश किया. इसके बाद पवन सिंह ने खेसारी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह सस्ता नशा करते हैं.

पवन सिंह पर लगाया व्यक्तिगत हमले करने का आरोप

पवन सिंह की इस टिप्पणी पर खेसारी लाल यादव भड़क गए और पलटवार करते हुए कहा कि हां मैं सस्ता नशा करता हूं क्योंकि मैं गरीब हूं, बीड़ी पीता हूं, लेकिन मैं किसी का खून नहीं चूसता. खेसारी ने आगे कहा कि पवन सिंह अब व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं, जो उनके संस्कारों को दिखाता है. उन्होंने कहा कि एक समय पर पवन उन्हें छोटा भाई कहा करते थे, लेकिन जैसे ही वह दूसरी पार्टी में गए, उनके खिलाफ बोलना शुरू कर दिया.

खेसारी ने पवन को बताया दलबदलू

खेसारी ने पवन सिंह को दलबदलू बताते हुए कहा कि जब पवन सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था, तब उन्होंने मोदी सरकार की आलोचना की थी, लेकिन अब वही सरकार की तारीफ कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति पहले प्रधानमंत्री की बुराई करता था, वह अचानक इतना बदल कैसे गया?

खेसारी ने यह भी साफ किया कि उनके पत्नी से जुड़े बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनका मतलब केवल यह था कि जब मेरी पत्नी बाहर काम करती है, तो मैं उसकी देखभाल एक बहन की तरह करता हूं. लेकिन पवन सिंह और उनके समर्थकों ने इसे गलत तरीके से पेश कर दिया.

उन्होंने कहा कि वह किसी के खिलाफ धर्म या संस्कृति पर हमला नहीं करते, बल्कि सिर्फ यह कहते हैं कि मंदिर बनाओ, लेकिन कॉलेज भी बनाओ ताकि आने वाली पीढ़ियां पढ़-लिख सकें.

इस पूरे विवाद के बाद भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में दोनों सितारों के प्रशंसक दो गुटों में बंट गए हैं. सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों के बीच लगातार बहस जारी है.