'दिल्ली मत जाइए न, हमें अच्छा नहीं लग रहा', समृद्धि यात्रा के दौरान महिलाओं का छलका दर्द; नीतीश कुमार भी हुए भावुक!
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों समृद्धि यात्रा कर रहे हैं. इस दौरान पटना के बापू सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में हजारों लोग पहुंचे. इस दौरान महिलाएं सबसे ज्यादा नजर आईं.
नीतीश कुमार को हमेशा से बिहार की महिलाओं का मुख्यमंत्री बताया गया है. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान छात्राओं और महिलाओं के लिए ऐसी कई योजनाएं लाई, जिसने उनके भविष्य को बदल दिया. हालांकि अब नीतीश केंद्र में जाने की तैयारी में है. जिससे बिहार की महिलाओं में थोड़ा गम तो थोड़ा डर भी है.
सीएम नीतीश समृद्धि यात्रा के दौरान गुरुवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में पहुंचे. जहां उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी, पूरा हॉल लोगों से खचाखच भरा हुआ था, भीड़ इतनी की लोग बाहर तक खड़े थे. इस भीड़ में सबसे ज्यादा महिलाएं नजर आ रही थी. कुछ महिलाओं को इस दौरान भावुक भी देखा गया.
नीतीश कुमार को दिल्ली ना जाने देने की चाह
इस कार्यक्रम में बिहटा से आई एक महिला ने अपनी दिल की बात अपने मुख्यमंत्री के सामने कह दीं. उन्होंने कहा कि पता नहीं नीतीशजी काहे दिल्ली जा रहे हैं? हमें अच्छा नहीं लग रहा. हम उनसे नहीं जाने की मांग करेंगे अभी बिहार को उनकी बहुत जरूरत है. कई लोग अपने हाथों में पोस्टर लिए खड़े थे. दो घंटे तक चली इस सभा में लोगों की तालियां रुकने का नाम नहीं ले रही थी. वहीं नीतीश कुमार हमेशा की तरह अपने अंदाज में वहां मौजूद लोगों तक अपनी बात पहुंचाते नजर आए. इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनवाया और विपक्ष को एक बार फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया.
महिलाओं के बीच नीतीश कुमार का क्रेज
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राज्य के समृद्धि और विकास पर जोर दिया. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार को आगे तक ले जाने के लिए हर वर्ग के लोगों का सहयोग होना जरूरी है. बिहार की महिलाओं ने 2005 से लगातार नीतीश कुमार पर भरोसा जताया है. वहीं कुमार भी महिलाओं को हक दिलवाने पर काफी काम किया है.
सीएम नीतीश अपने बढ़ते उम्र और बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच कई बार विवादित बयान देते नजर आए हैं. लेकिन बिहार की महिलाएं यह मानती है कि आज उनका जितना विकास हुआ है सीएम नीतीश के कारण हुआ है. स्कूल लाने के लिए छात्रों को ड्रेस, खाना, साइकिल और पैसे तक दिए. पढ़ने वाले छात्राओं को स्कॉलरशिप और महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या शराब के खिलाफ भी उन्होंने कानून लाया. इन सभी और कई अनेक योजनाओं के कारण नीतीश कुमार बिहार की महिलाओं के फेवरेट रहे हैं. अब लोगों की इस बात पर नजर है कि बिहार की कमान अब किसके हाथों में जाएगी.