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प्राइवेट पार्ट में घुसा दी गर्म रॉड, काट डाले कान: भीड़ ने युवक के साथ की बर्बरता, इलाज के दौरान हुई मौत

बिहार के नवादा जिले में कपड़ा बेचने वाले मोहम्मद अथर हुसैन को चोर समझकर भीड़ ने बेरहमी से पीटा. छह दिन तक इलाज के बाद उसकी मौत हो गई. मामले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं और परिवार न्याय की मांग कर रहा है.

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Kanhaiya Kumar Jha

पटना: बिहार के नवादा जिले में 5 दिसंबर को हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. भट्टापुर गांव में कपड़े बेचने वाले मोहम्मद अथर हुसैन की ग्रामीणों की एक भीड़ ने बेरहमी से पिटाई कर दी, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना उस समय हुई जब हुसैन की साइकिल पंचर हो गई और उन्होंने पास खड़े लोगों से मदद मांगी.

चोर समझकर की गई बर्बर पिटाई

परिजनों के अनुसार, नशे में धुत ग्रामीणों ने हुसैन को चोर होने के शक में पकड़ लिया. बिना किसी पुष्टि के भीड़ ने उस पर हमला कर दिया और उसे घंटों तक अमानवीय यातनाएं दी गईं. आरोप है कि उसके साथ बेहद क्रूर व्यवहार किया गया, जिसमें उसके शरीर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया गया. भीड़ ने न केवल उसे पीटा बल्कि उसके साथ हिंसा की सारी हदें पार कर दीं.

वीडियो देखकर परिवार को मिली जानकारी

हुसैन के परिवार को इस जघन्य घटना की जानकारी तब मिली जब उसके भाई मोहम्मद चांद हुसैन ने सोशल मीडिया पर घायल अवस्था में एक व्यक्ति का वीडियो देखा. वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति उनके भाई जैसा लग रहा था. इसके बाद परिवार तुरंत नवादा पहुंचा, जहां हुसैन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

मौत से पहले दर्ज कराया बयान

मोहम्मद अथर हुसैन ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि 20 से 25 लोगों की भीड़ ने उन्हें पीटा. इस भीड़ में कुछ नाबालिग भी शामिल थे. हुसैन ने बताया कि जब भी वह बेहोश हो जाते थे, तो लोग उन पर पानी डालकर उन्हें होश में लाते और फिर से पिटाई शुरू कर देते थे.

चोरी का झूठा आरोप गढ़ने की कोशिश

परिजनों का आरोप है कि जब हुसैन की हालत बेहद नाजुक हो गई, तो आरोपियों ने उसे चोर साबित करने के लिए उसके शरीर के आसपास गहने रख दिए. यह सब इसलिए किया गया ताकि मारपीट को सही ठहराया जा सके. पुलिस सुबह करीब 2.30 बजे मौके पर पहुंची और घायल अवस्था में हुसैन को अस्पताल ले जाया गया.

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां

पुलिस ने इस मामले में 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. हुसैन की मौत के बाद मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं. अब तक भट्टापुर गांव के नौ लोगों को गैरकानूनी सभा, दंगा और अन्य गंभीर धाराओं में गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

परिवार ने मांगी न्याय और मदद

हुसैन के भाई मोहम्मद चांद ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है. उन्होंने प्रशासन से अपने परिवार के लिए आर्थिक मदद की भी अपील की है. उनका कहना है कि छह दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 12 दिसंबर को उनके भाई की मौत हो गई. परिवार अब पूरी तरह टूट चुका है और उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.