सपने में मांगा दूध, हकीकत में पिलाने पहुंचे युवक को सांप ने डसा; डिब्बे में 'नागराज' को लेकर पहुंचा अस्पताल
बिहार के सीतामढ़ी में एक युवक को सपने की बात सच मानना जीवन पर भारी पड़ गया. सपने में सांप द्वारा दूध और लावा मांगे जाने के बाद हकीकत में उसे दूध पिलाने पहुंचे युवक को सांप ने डस लिया. युवक फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन है.
पटना: विज्ञान के इस युग में भी अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक जीता-जागता उदाहरण बिहार के सीतामढ़ी जिले से सामने आया है. मेजरगंज प्रखंड के एक युवक को अपने सपने में देखी गई घटना पर आंख मूंदकर भरोसा करना न केवल महंगा पड़ा, बल्कि उसकी जान पर भी बन आई. सपने को हकीकत मानकर सांप को दूध पिलाने की कोशिश कर रहे इस युवक को जहरीले सांप ने डस लिया, जिसके बाद इलाके में इस 'अजीबो-गरीब' वाकये की चर्चा जोरों पर है.
जानकारी के अनुसार, मेजरगंज क्षेत्र में मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने वाले मुकेश पासवान नामक युवक ने दावा किया है कि पिछले करीब 15 दिनों से उसे एक ही तरह का सपना बार-बार आ रहा था. मुकेश के मुताबिक, सपने में एक सांप उसे दर्शन देता था और उससे दूध और लावा (खील) की मांग करता था. शनिवार की रात भी उसे यही सपना आया. रविवार की सुबह जब उसकी नींद खुली, तो वह इस कदर प्रभावित था कि उसने सपने को ईश्वरीय संकेत मान लिया.
दूध पिलाने की कोशिश और नाग का डंक
मुकेश पासवान का कहना है कि सुबह उठने के तुरंत बाद उसे अपने घर के पास ही एक सांप दिखाई दिया. अपने सपने को सच करने के उद्देश्य से वह दूध का कटोरा लेकर सांप के पास पहुंच गया और उसे दूध पिलाने का प्रयास करने लगा. लेकिन जंगली जीव अपनी प्रकृति के अनुसार आक्रामक हो गया और दूध पीने के बजाय उसने मुकेश को डस लिया. सांप के डसते ही मुकेश की तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन उसने अपनी हिम्मत नहीं हारी.
'सांप' को डिब्बे में कैद कर अस्पताल पहुंचा
घटना के बाद मुकेश ने जो किया, उसने सबको हैरान कर दिया. वह घबराने के बजाय फुर्ती दिखाते हुए उसी जिंदा सांप को पकड़ने में सफल रहा और उसे एक प्लास्टिक के डिब्बे में बंद कर दिया. मुकेश खुद उसी डिब्बे के साथ मेजरगंज के नजदीकी अस्पताल पहुंच गया. डॉक्टरों ने जब मरीज के हाथ में डिब्बे के अंदर बंद जिंदा सांप देखा, तो वे भी दंग रह गए. हालांकि, सांप साथ होने की वजह से डॉक्टरों को यह पहचानने में आसानी हुई कि सांप जहरीला था या नहीं, जिससे सटीक उपचार में मदद मिली.
डॉक्टरों का कहना है कि मुकेश की किस्मत अच्छी थी कि वह समय रहते अस्पताल पहुंच गया, जिससे जहर फैलने से पहले ही उसका उपचार शुरू हो सका. फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर और नियंत्रण में बताई जा रही है. वहीं, स्थानीय लोगों ने इस घटना को विशुद्ध रूप से अंधविश्वास करार दिया है. बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों ने अपील की है कि लोग इस तरह के भ्रामक सपनों और अंधविश्वासों से दूर रहें और सांप जैसे खतरनाक जीवों के करीब जाने की गलती न करें.
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