ECI Press Conference: 'बिहार वाले चुनाव दिवस को छठ पूजा के त्योहार की तरह मनाएं', मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की अपील

ECI Press Conference: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की.

Anubhaw Mani Tripathi

ECI Press Conference: महाराष्ट्र चुनाव के बाद से लगातार विपक्ष वोट चोरी के आरोप लगा रहा है. जिसके बाद चुनाव आयोग ने इस पर सफाई देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी. इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव भी होने हैं. जिसको ध्यान में रखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने राजनीतिक दलों से चुनावों को लोकतंत्र के उत्सव की तरह मानने की अपील की.

ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय बिहार दौरे पर थे, जिनके साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह सिंधु और विवेक जोशी भी मौजूद थे. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ चुनाव तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की.

छठ पूजा के तुरंत बाद चुनाव!

इस बैठकों में भाजपा, कांग्रेस, JD(U), RJD, CPI(ML) लिबरेशन, CPI(M), CPI, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए. चुनाव आयोग के बयान के अनुसार अधिकांश पार्टियों ने चुनाव छठ पूजा के तुरंत बाद कराने का समर्थन किया.

दरसअल, छठ बिहार का एक लोकप्रिय त्योहार है, जो इस साल 25 से 28 अक्टूबर के बीच मनाया जाएगा. दीवाली और छठ के दौरान बिहार के बाहर काम करने वाले लोग अपने घर लौटते हैं, जिससे चुनावों में अधिकतम मतदान सुनिश्चित किया जा सकता है. चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि राजनीतिक दलों ने विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (Special Intensive Revision) के सफलतापूर्वक संपन्न होने के लिए EC का धन्यवाद किया, जिसे चुनाव से पहले काफी राजनीतिक बहस का विषय माना गया था.

उत्साह के साथ जश्न मनाने का आग्रह

इस बैठक के दैरान ज्ञानेश कुमार ने सभी दलों को याद दिलाया कि वे मजबूत लोकतंत्र में महत्वपूर्ण हिस्सेदार हैं और चुनाव प्रक्रिया के हर चरण में सक्रिय रूप से भाग लें. उन्होंने सभी पार्टियों से मतदान और मतगणना एजेंटों की नियुक्ति सुनिश्चित करने और चुनाव का पूरी तरह उत्साह के साथ जश्न मनाने का आग्रह किया.

दूसरे चरण में, आयोग की टीम ने राज्य के अधिकारियों के साथ चुनाव योजना, EVM प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, कर्मचारी प्रशिक्षण, कानून-व्यवस्था और मतदाता जागरूकता सहित सभी पहलुओं पर व्यापक समीक्षा की. अधिकारियों को सोशल मीडिया पर फेक न्यूज की निगरानी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए.

बता दे, बिहार विधानसभा की 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है. चुनाव आयोग ने संकेत दिया है कि पहले चरण का मतदान छठ पूजा के बाद अक्टूबर के अंत में संभव है. पिछली बार 2020 में, कोविड-19 महामारी की छाया में राज्य में तीन चरणों में चुनाव संपन्न हुए थे.

आज किया प्रेस कॉन्फ्रेंस 

आज रविवार, 5 अक्टूबर 2025 को चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार के सभी जिला स्तर के बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने भाग लिया. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने विशेष गहन सुधार (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान BLOs के काम की सराहना की. उन्होंने कहा कि SIR में 90,000 से अधिक BLOs ने हिस्सा लिया.

CEC ने बताया कि बिहार के 243 विधानसभा क्षेत्रों में से 203 सामान्य, 38 अनुसूचित जाति के लिए और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त होगा.

बिहार चुनाव के लिए 17 नए पहल

उन्होंने कहा कि SIR समयसीमा में पूरा किया गया और BLOs तथा EROs और AERO को बढ़ी हुई हनोरारियम दी गई. आयोग ने बिहार चुनाव के लिए 17 नए पहल की हैं, जिनमें मतदान केंद्रों पर भीड़ कम करना, वोटरों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था और एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,200 वोटरों को सुनिश्चित करना शामिल है. मोबाइल फोन जमा करने के लिए मतदान केंद्र के बाहर काउंटर भी स्थापित किए गए हैं.

ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल

राहुल गांधी द्वारा उठाए गए “वोट चोरी” के आरोपों पर CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि SIR नियमों के अनुसार ही कराया गया. ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 1 अगस्त 2025 को जारी किया गया था, और इसके बाद दावा व आपत्ति करने का पर्याप्त समय दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि जिन घरों में कोई संख्या नहीं है, वहां अगले घर की संख्या या अन्य उपयुक्त संख्या देकर मतदान का अवसर सुनिश्चित किया गया.

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