IAS अफसर के आगे नीतीश कुमार ने क्यों जोड़े हाथ? बोले- पैर भी पकड़ सकता हूं
Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सोशल मीडिया पर एक बयान वायरल हो रहा है. नीतीश कुमार ने एक कार्यक्रम में एक IAS अफसर से कहा कि आपके हाथ जोड़ता हूं, बस आप ये काम करा दीजिए. उन्होंने कहा कि कहिए तो आपका पैर भी छू लूंगा. सीएम नीतीश कुमार का ये बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. आइए, जानते हैं कि आखिर नीतीश कुमार ने ऐसा क्यों कहा?
Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक बयान वायरल है. एक कार्यक्रम में उन्होंने बिहार के एक IAS अफसर से कहा कि मैं आपके हाथ जोड़ता हूं, कहिए तो आपके पैर भू छू लूं. इस दौरान नीतीश कुमार किसी काम का जिक्र कर रहे थे. वे आईएएस अफसर से कोई काम कराना चाह रहे हैं, जो शायद लंबे समय से लंबित है. इसे पूरा करने के लिए ही उन्होंने भरी सभा में IAS अफसर के सामने ये बातें कही.
दरअसल, राजधानी पटना में एक कार्यक्रम था. मंच पर नीतीश कुमार संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसा कहा, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उन्होंने मंच से भूमि सर्वेक्षण का जिक्र किया. इस दौरान कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह भी बैठे थे. दीपक कुमार सिंह की ओर देखकर नीतीश कुमार ने कहा कि मैं आपके आगे हाथ जोड़ता हूं, कहिए तो पैर पकड़ लूं, बस ये काम करा दीजिए. उन्होंने इसके लिए डेटलाइन 2025 का भी जिक्र किया.
नीतीश ने कहा कि जुलाई 2025 से पहले राज्य में भूमि सर्वे का काम पूरा करा लीजिए. अगर ये काम तय समय से पहले हो गया, तो बहुत खुशी होगी. राजधानी पटना में बुधवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का एक कार्यक्रम था, जिसमें नव नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिया जा रहा था. कार्यक्रम में नीतीश कुमार भी मौजूद थे.
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बिहार में 60 फीसदी से ज्यादा क्राइम की वजह भूमि विवाद
नीतीश कुमार ने कार्यक्रम में कहा कि ये सभी को पता है कि राज्य में 60 फीसदी से अधिक अपराध की वजह जमीन से जुड़ा विवाद होता है. उन्होंने भरोसा जताया कि 9888 और अधिकारियों की नियुक्ति के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विधानसभा चुनाव यानी जुलाई 2025 से पहले राज्य में भूमि सर्वेक्षण का काम पूरा कर लेगा.
बिहार के मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों से भी भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्ती के काम में तेजी लाने की अपील की. उन्होंने कहा कि इसे जुलाई 2025 के पहले पूरा कर लिया जाना चाहिए. इससे पहले, बिहार में 2013 में एरियल सर्वे के जरिए इसे पूरा किया गया था.