नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान, जीविका कर्मियों की सैलरी में किया इजाफा; जानें कब से मिलेगा लाभ?

बिहार सरकार ने जीविका मिशन से जुड़े कर्मचारियों को नए साल पर बड़ी राहत दी है. 10 से 30 प्रतिशत वेतन वृद्धि, अतिरिक्त भत्ता और मेडिक्लेम बीमा से हजारों कर्मियों को सीधा फायदा मिलेगा.

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Kanhaiya Kumar Jha

पटना: नए साल की शुरुआत के साथ ही बिहार के ग्रामीण विकास तंत्र से जुड़े हजारों कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने ग्रामीण आजीविका मिशन ‘जीविका’ में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की घोषणा की है. यह संशोधित वेतन 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे कर्मियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है.

राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार जीविका परियोजना से जुड़े कर्मचारियों को उनके कार्य स्तर और जिम्मेदारी के आधार पर 10 से 30 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि दी जाएगी. राज्य और जिला स्तर पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी तय की गई है. इससे इन पदों पर कार्यरत कर्मियों की मासिक आय में स्थायी सुधार होगा और आर्थिक स्थिरता बढ़ेगी.

ब्लॉक स्तर के कर्मियों को सबसे ज्यादा लाभ

सरकार के फैसले में सबसे अधिक फायदा ब्लॉक स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को मिला है. ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर और थीमैटिक मैनेजर के वेतन में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. वहीं क्षेत्र समन्वयक, सामुदायिक समन्वयक, कार्यालय सहायक, लेखाकार, स्टेनो, आईटी कर्मी और अन्य कर्मचारियों को 30 प्रतिशत तक वेतन बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा. इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों में उत्साह साफ दिख रहा है.

यंग प्रोफेशनल्स को मिलेगा अतिरिक्त भत्ता

सरकार ने जीविका परियोजना से जुड़े यंग प्रोफेशनल्स को भी बड़ी राहत दी है. सभी यंग प्रोफेशनल्स को हर महीने 5,000 रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जो उनकी मासिक आय में स्थायी रूप से जुड़ जाएगी. आदेश के अनुसार निदेशक, उद्यम निदेशक, विशेष कार्यपालक अधिकारी, कार्यक्रम समन्वयक, राज्य परियोजना प्रबंधक और राज्य वित्त प्रबंधक जैसे पदों पर 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि निर्धारित की गई है.

कार्य संरचना में भी किया गया बदलाव

वेतन वृद्धि के साथ ही सरकार ने जीविका परियोजना की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संरचनात्मक बदलाव भी किए हैं. अब एक सामुदायिक समन्वयक को एक ब्लॉक में तीन ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी दी जाएगी. हर ब्लॉक में दो क्षेत्र समन्वयक तैनात होंगे. अतिरिक्त मानव संसाधन को आजीविका संवर्धन और जीविका निधि से जुड़े कार्यों में लगाया जाएगा ताकि योजनाओं का असर तेजी से दिखे.

स्वास्थ्य सुरक्षा से बढ़ेगा भरोसा

नीतीश सरकार ने कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा पर भी ध्यान दिया है. सभी जीविका कर्मियों को 5 लाख रुपये तक का मेडिक्लेम बीमा देने का निर्णय लिया गया है. यह सुविधा सभी स्तरों पर लागू होगी और गंभीर बीमारी या बड़े इलाज के समय कर्मचारियों व उनके परिवारों को आर्थिक सहारा देगी. जानकारों का मानना है कि वेतन वृद्धि और स्वास्थ्य बीमा से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और ग्रामीण विकास कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा.