हर घर सरकारी नौकरी, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और भूमिहिनों को जमीन, जानें बिहार में 'तेजस्वी प्रण' पत्र के सभी बड़े ऐलान
भाजपा और नीतीश कुमार की जदयू जो गठबंधन सहयोगी हैं ने अभी तक अपना घोषणापत्र जारी नहीं किया है. विपक्ष के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने राज्य के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को कौशल आधारित रोजगार और सरकारी नौकरी देने का वादा किया है.
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है. इस दस्तावेज का नाम 'तेजस्वी प्रण' रखा गया है. घोषणापत्र जारी करने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा, भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी उपस्थित रहे.
गठबंधन ने रोजगार, महिलाओं, किसानों और अल्पसंख्यकों को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं. महागठबंधन ने एनडीए सरकार पर 20 साल की विफलताओं, बेरोजगारी, पलायन और अन्याय का आरोप लगाया है. साथ ही सभी जीविका दीदियों को स्थायी किया जाएगा और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा.
भाजपा और नीतीश कुमार की जदयू जो गठबंधन सहयोगी हैं ने अभी तक अपना घोषणापत्र जारी नहीं किया है. विपक्ष के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने राज्य के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को कौशल आधारित रोजगार और सरकारी नौकरी देने का वादा किया है.
घोषणापत्र की मुख्य बातें
- घोषणापत्र में कहा गया है कि अप्रैल में संसद द्वारा पारित वक्फ (संशोधन) अधिनियम को बिहार में लागू नहीं होने दिया जाएगा. तेजस्वी ने पहले कहा था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो इसे "कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा".
- सरकार बनने के 20 दिन के भीतर राज्य के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए एक अधिनियम पारित किया जाएगा.
- सभी जीविका सीएम (कम्युनिटी मोबिलाइजर) बहनों को स्थायी किया जाएगा और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा. उनका वेतन 30,000 रुपये प्रति माह निर्धारित किया जाएगा.
- सभी संविदा कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा.
- आईटी पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), शुल्क आधारित उद्योग, कृषि आधारित उद्योग, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और पर्यटन में कौशल आधारित रोजगार सृजित किया जाएगा.
- लघु एवं मध्यम आकार के उद्यमों के वित्तीय एवं कौशल विकास हेतु एक सुसंगत नीति विकसित की जाएगी. राज्य में 2,000 एकड़ भूमि पर एक शैक्षणिक नगर, उद्योग क्लस्टर और पाँच नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएँगे.
- पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस योजना) लागू की जाएगी.
- माई-बहन मान योजना के तहत महिलाओं को दिसंबर से 2,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता मिलेगी.
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत विधवाओं और बुजुर्गों को 15,002 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी, जिसमें सालाना 2,200 रुपये की वृद्धि होगी. दिव्यांगजनों को 3,000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी. हर परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी.
- माइक्रोफाइनेंस कम्पनियों द्वारा किश्त वसूली के दौरान महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने तथा मनमानी ब्याज दरों पर नियंत्रण के लिए नियामक कानून बनाया जाएगा.