छपरा में बड़ी लापरवाही उजागर, जहरीली गैस रिसाव से मची दहशत; 10 लोग बीमार
छपरा के साढा स्थित रामा कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस रिसाव से अफरा-तफरी मच गई. घटना में 10 लोगों की तबीयत बिगड़ी और दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया.
छपरा: बिहार के छपरा में गुरुवार देर रात एक कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस के रिसाव के बाद अफरा-तफरी मच गई. घटना में करीब 10 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जबकि दो लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. प्रशासन की प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के संकेत मिले हैं.
यह घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के साढा स्थित रामा कोल्ड स्टोरेज में हुई. यहां आलू भंडारण के लिए इस्तेमाल होने वाले कूलिंग सिस्टम में अमोनिया गैस का उपयोग किया जाता है. देर रात अचानक पाइपलाइन से गैस का रिसाव शुरू हो गया. कुछ ही देर में तीखी गंध आसपास के इलाके में फैल गई, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया.
क्या हो रही लोगों को दिक्कतें?
अमोनिया गैस के प्रभाव से कई लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, खांसी और घुटन की शिकायत होने लगी. गैस की गंध फैलते ही बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया.
क्या लिया गया एक्शन?
घटना की जानकारी मिलते ही एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं. प्रभावित लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया. दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों के अनुसार सभी प्रभावित लोगों की हालत फिलहाल सामान्य है और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है.
फायर ब्रिगेड कर्मियों ने गैस रिसाव वाले हिस्से की पहचान कर उसे बंद कराया. साथ ही क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया गया ताकि हवा में मौजूद गैस के प्रभाव को कम किया जा सके. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी है.
स्थानीय लोगों ने क्या लगाया आरोप?
स्थानीय लोगों ने कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों का नियमित पालन नहीं किया गया, जिसके कारण यह घटना हुई. लोगों ने कोल्ड स्टोरेज को आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग भी उठाई है.
सदर एसडीओ और एसडीपीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. प्रशासन ने बताया कि रिसाव लगभग 10 से 15 मिनट तक जारी रहा था, जिसका असर कुछ समय तक हवा में बना रहा. जांच में सुरक्षा मानकों की कमी पाए जाने के बाद कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.