...तो सूर्याकुमार यादव उठाएंगे टी20 विश्व कप की ट्रॉफी? जिम्बाब्वे-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए मुकाबले में छिपा है भारत की जीत का 'राज'

2026 में फिर वही स्थिति बनी है. जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है और भारतीय टीम शानदार फॉर्म में है. इसी कारण कई लोग इसे भारतीय टीम के लिए शुभ संयोग के रूप में देख रहे हैं.

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Anuj

नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से पहले ही भारतीय टीम को खिताब जीतने का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था. भारतीय ने टूर्नामेंट में अब तक खेले अपने दोनों मैच जीतकर इस उम्मीद को काफी हद तक सही साबित भी किया है.

बड़े टूर्नामेंटों में अक्सर कुछ ऐसे दिलचस्प संयोग भी देखने को मिलते हैं, जो किसी खास टीम के चैंपियन बनने की संभावना की ओर इशारा करते हैं. इस बार भी ऐसा ही एक रोचक संयोग 13 फरवरी को जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए मुकाबले में सामने आया, जिसे भारतीय टीम के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है.

जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया

इस मैच में क्वालीफायर के जरिए मुख्य टूर्नामेंट में पहुंची जिम्बाब्वे की टीम ने मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम को 23 रनों से हराकर बड़ा उलटफेर किया. इस नतीजे ने क्रिकेट प्रशंसकों को 2007 टी20 वर्ल्ड कप की याद दिला दी. दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह सिर्फ दूसरी बार हुआ है जब जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है. इससे पहले 2007 के पहले टी20 वर्ल्ड कप में भी जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से मात दी थी. उस टूर्नामेंट में आगे चलकर भारतीय टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी.

शानदार फॉर्म में भारतीय टीम

अब 2026 में फिर वही स्थिति बनी है. जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है और भारतीय टीम शानदार फॉर्म में है. इसी कारण कई लोग इसे भारतीय टीम के लिए शुभ संयोग के रूप में देख रहे हैं. एक और दिलचस्प तथ्य यह भी है कि टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में जिम्बाब्वे का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत का रिकॉर्ड 100 प्रतिशत रहा है यानी उसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले दोनों मैच जीते हैं.

नामीबिया के खिलाफ बना खास संयोग

नामीबिया के खिलाफ भारत के मैच में भी एक खास संयोग देखने को मिला. भारतीय टीम ने 12 फरवरी को नामीबिया को 93 रनों से हराया, लेकिन इस मैच में कप्तान सूर्यकुमार यादव बड़ी पारी नहीं खेल सके और 12 रन बनाकर स्टंप आउट हो गए. दिलचस्प बात यह है कि आईसीसी के सीमित ओवरों के टूर्नामेंटों में जब-जब भारतीय कप्तान स्टंप आउट होकर आउट हुए हैं, तब-तब टीम इंडिया फाइनल तक पहुंची है और ज्यादातर मौकों पर ट्रॉफी भी जीती है.

स्टंप का संयोग

इससे पहले साल 2000 की चैंपियंस ट्रॉफी में सौरव गांगुली केन्या के खिलाफ स्टंप आउट हुए थे और भारत फाइनल तक पहुंचा था. 2011 वनडे वर्ल्ड कप में महेंद्र सिंह धोनी वेस्टइंडीज के खिलाफ स्टंप आउट हुए थे और उस टूर्नामेंट में भारत ने खिताब जीता था. 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में रोहित शर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ स्टंप आउट हुए थे और भारत फाइनल में पहुंचा था. अब 2026 टी20 वर्ल्ड कप में सूर्यकुमार यादव भी स्टंप आउट हुए हैं, जिससे यह संयोग फिर दोहराता दिख रहा है.

प्रशंसकों के बीच चर्चा तेज

इन सभी तथ्यों को देखते हुए क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि इस बार भी इतिहास खुद को दोहरा सकता है और भारतीय टीम एक बार फिर टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीत सकती है. हालांकि, क्रिकेट में नतीजे मैदान पर प्रदर्शन से तय होते हैं, लेकिन ऐसे संयोग टूर्नामेंट के रोमांच को और बढ़ा देते हैं.