'इंग्लैंड दौरे से पहले दिखाना चाहता था अपनी ताकत', युजवेंद्र चहल का अजीत अगरकर को सीधा संदेश, अब होगी टीम में वापसी?
Yuzvendra Chahal: लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे युजवेंद्र चहल ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के चयनकर्ताओं को सीधा संदेश दे दिया है कि वह टी20 और वनडे के साथ-साथ टेस्ट के लिए भी तैयार हैं.
Yuzvendra Chahal: टी20 क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले युजवेंद्र चहल को टी20 विश्व कप में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. भले ही वह टीम का हिस्सा था. एक साल से ज्याद समय से वह भारतीय क्रिकटे टीम से बाहर चल रहे हैं. चहल ने अब तक भारत के लिए 72 वनडे मैच और 80 टी20 मैच खेले हैं. उन्होंन वनडे में 121 विकेट और टी20 में 96 विकेट लिए हैं. यही कहानी वह फिर से दोहराना चाहते हैं. लेकिन उन्हें टीम में जगह ही नहीं मिल रही है. इस बार उन्होंने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को सीधा संदेश दिया है. उन्होंने इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में नॉर्थम्पटनशायर की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया.
34 वर्षीय चलल का लक्ष्य सिर्फ टी20 टीम में वापसी करना ही नहीं है, बल्कि अगले साल इंग्लैंड दौरे के लिए लाल गेंद वाले क्रिकेट में भी अपना दावा पेश करना है.
"मैं दिखाना चाहता था कि मैं कितना अच्छा हूं"
भारत को अगले साल जून-जुलाई में इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैच खेलने हैं और चहल को लगता है कि नॉर्थम्पटनशायर के साथ काउंटी में सफल प्रदर्शन के बाद वह अच्छी तरह से तैयार हैं. उनके शब्दों में, वह अजीत अगरकर की अगुआई वाली बीसीसीआई चयन समिति और अन्य सभी संबंधित लोगों को दिखाना चाहते थे कि वह लाल और सफेद गेंद से अंग्रेजी परिस्थितियों में कितने अच्छे हैं.
चहल ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "काउंटी क्रिकेट कठिन क्रिकेट है. इसने मुझे बहुत अच्छे स्तर के क्रिकेट के खिलाफ अपने कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर दिया. अगले साल भारत के इंग्लैंड दौरे के साथ, मैं दिखाना चाहता था कि मैं कितना अच्छा हूं."
चहल ने लगाई विकेटों की झड़ी
चहल ने नॉर्थेंट्स के लिए पांच मैच खेले - एक लिस्ट ए और चार चार दिवसीय रेड-बॉल मैच. उन्होंने 24 विकेट चटकाए, जिसमें तीन बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी शामिल है. पिछले दो चार दिवसीय मैचों में उन्होंने 18 विकेट चटकाए.
चहल ने कहा, "सबसे पहले, मैं ब्रिंडन सर का बहुत आभारी हूं जिन्होंने मुझे काउंटी क्रिकेट में खेलने का मौका दिया, और फिर राजस्थान रॉयल्स के कोचों ने मुझे कृष पटेल से मिलवाया, जो एक उच्च शिक्षित 18 वर्षीय क्रिकेटर है, जिनके बारे में माना जाता है कि उनका खेल में बहुत उज्ज्वल भविष्य है. मैं उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते देखना चाहता हूं और अगर मैं मदद कर सकता हूं, तो मैं हमेशा तैयार हूं."