T20 World Cup 2024: विश्वकप के 8 एडिशन में हर बार मिला नया हीरो, लेकिन फिर भी सब पर भारी है विराट कोहली, आखिर क्यों?
Virat Kohli in T20 World Cup 2024: आईसीसी टी20 विश्वकप में जब भी रिकॉर्ड्स या अवॉर्ड्स की बात होती है तो उसमें विराट कोहली का नाम जरूर लिया जाता है. टी20 विश्वकप के अब तक 8 एडिशन हो चुके हैं और 9वें एडिशन का आगाज 2 जून से अमेरिका और वेस्टइंडीज की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है. इन 8 संस्करण के दौरान दुनिया को हर बार एक नया हीरो मिला है लेकिन इसके बावजूद कोहली सब पर भारी क्यों हैं, आइये जानते हैं.
Virat Kohli in T20 World Cup 2024: ICC टूर्नामेंटों में उपलब्धियों या पुरस्कारों की चर्चा हो, तो विराट कोहली का नाम सबसे आगे आता है. भारतीय क्रिकेट टीम का ये धाकड़ बल्लेबाज टी20 विश्व कप के इतिहास में दो बार 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनने वाले इकलौता खिलाड़ी है. उन्होंने ये खिताब 2014 और 2016 के टूर्नामेंट में हासिल किया था.
इस आर्टिकल में हम टी20 विश्वकप के हर एडिशन में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट जीतने वाले खिलाड़ियों की बात करेंगे और ये समझने की कोशिश करेंगे कि हर संस्करण में नया हीरो मिलने के बावजूद भारतीय टीम के किंग कोहली सब पर भारी क्यों हैं.
अफरीदी के पास था हरफनमौला खेल, फिर भी कोहली के सामने रहे फेल
पाकिस्तान के शानदार ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने 2007 में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीतकर इतिहास रचाया. उनकी धुआंधार बल्लेबाजी और चालाक लेग स्पिन गेंदबाजी उन्हें मैदान पर एक खतरनाक खिलाड़ी बनाती थी. अफरीदी के दमदार छक्के और अपनी गेंदबाजी में गुगली जैसे विविधताओं का प्रयोग अक्सर मैच का रुख अकेले ही पलट देती थी. उन्होंने ना सिर्फ बल्ले से धूम मचाया बल्कि गेंद से भी महत्वपूर्ण विकेट चटकाए.
दिलस्कूप से दिलशान ने जीते कई दिल
श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान 2009 में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बने. उनका नयापन भरा 'दिलस्कूप' शॉट और आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज गेंदबाजों को तो परेशान करता ही था, साथ ही दर्शकों को भी रोमांचित कर देता था. दिलशान की परिस्थिति के अनुसार ढलने की क्षमता और टॉप ऑर्डर में निरंतरता श्रीलंका की जीत में अहम भूमिका निभाती थी. 2009 के टी20 विश्व कप में उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा.
निडर बल्लेबाजी से पीटरसन ने जीते दिल
इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज केविन पीटरसन ने 2010 में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार अपने नाम किया. अपने चौंकाने वाले शॉट्स और ताकतवर बल्लेबाजी से वह किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने में सक्षम थे, जो उनकी विरोधी टीमों के लिए सिरदर्द बन जाते थे. पीटरसन का निडर रवैया और दबाव की परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन उन्हें उनके समकालीन खिलाड़ियों से अलग खड़ा करता है. 2010 के विश्व कप में उन्होंने इंग्लैंड को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी.
वॉटसन-वॉर्नर ने कंगारुओं को बनाया चैम्पियन
ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर शेन वॉटसन 2012 में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुने गए. बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देने की उनकी क्षमता उन्हें टीम के लिए अमूल्य बनाती थी. वॉटसन की ताकतवर बल्लेबाजी और पैनी गेंदबाजी अक्सर ऑस्ट्रेलिया को जीत की ओर ले जाती थी, उन्हें एक सच्चा मैच विनर बनाती थी. उनके ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत 2012 में ऑस्ट्रेलिया ने टी20 विश्व कप अपने नाम किया था.
डेविड वॉर्नर, ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ ओपनर बल्लेबाज, ने 2021 में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीतकर टी20 विश्व कप के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया. उनकी तूफानी बल्लेबाजी और दौड़ने में फुर्ती के साथ ही उनका शानदार फील्डिंग प्रदर्शन उन्हें एक संपूर्ण क्रिकेटर बनाता है. वॉर्नर की आक्रामक बल्लेबाजी अक्सर मैच की शुरुआत से ही विपक्षी टीम पर दबाव बना देती थी. 2021 के विश्व कप में उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई.
तो इस वजह से कोहली हैं सब पर भारी
विराट कोहली की सबसे बड़ी खासियत है दबाव की परिस्थिति में भी लगातार मैच जिताऊ पारी खेलने का दम. 2014 और 2016 के टी20 विश्व कप में उन्होंने ना सिर्फ रन बनाए बल्कि अहम मौकों पर जिम्मेदारी से खेलते हुए अपनी टीम को विजय दिलाई. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, संयम और शानदार फिटनेस ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक बना दिया है.
विराट कोहली के अलावा भी दुनिया को इस मल्टीनेशन टूर्नामेंट में कई मैच विनर खिलाड़ी मिले लेकिन इनमे से किसी भी खिलाड़ी ने कोहली की तरह न तो अंडर प्रेशर रन बनाने का हुनर दिखाया और न ही उनकी तरह चेज करते हुए अपनी टीम को सबसे ज्यादा जीत दिलाने का दम दिखाया. यही वजह है कि वो टी20 विश्वकप के बाकी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट प्लेयर्स पर भारी नजर आते हैं.
कौन बनेगा 2024 का प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट
हाल ही में संपन्न हुए 2022 के टी20 विश्व कप में इंग्लैंड के युवा ऑलराउंडर सैम कुरेन को 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया. बल्ले और गेंद दोनों से उनका योगदान और दबाव की परिस्थिति में उनका संयम उन्हें एक उभरता हुआ सितारा साबित करता है. कुरेन की बहुमुखी प्रतिभा और उनकी उम्र से परिपक्व खेल भविष्य में उनके शानदार प्रदर्शन का संकेत देती है.
इस प्रकार, टी20 विश्व कप के इतिहास में कई महान खिलाड़ियों ने 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीता है. हर खिलाड़ी ने अपनी खास स्टाइल और योगदान से इस टूर्नामेंट को रोमांचक बनाया है. यह देखना दिलचस्प होगा कि 2024 के टी20 विश्व कप में कौन सा खिलाड़ी इस खिताब को अपने नाम करेगा.