'दस सालों में कई बार असफलता...', टी20 विश्व कप से पहले संजू सैमसन ने तोड़ी चुप्पी

संजू सैमसन ने अपने करियर को लेकर कहा कि पिछले दस सालों में उन्हें कई बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन इसी दौरान थोड़ी सफलता भी मिली. उन्होंने हमेशा यह समझने का प्रयास किया कि भारतीय टीम के लिए वर्ल्ड कप स्तर का खिलाड़ी बनने के लिए क्या जरूरी है.

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Anuj

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन एक बार फिर सुर्खियों में हैं. बीसीसीआई द्वारा जारी एक वीडियो में उन्होंने अपने क्रिकेट सफर, मानसिक संघर्ष और ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में वापसी को लेकर खुलकर बात की.

लंबे समय तक टीम में अपनी जगह को लेकर असमंजस झेलने के बाद अब सैमसन फिर से अपनी पसंदीदा भूमिका में लौट आए हैं और नई शुरुआत के लिए तैयार दिख रहे हैं.

ओपनिंग स्लॉट तक पहुंचने का सफर

कुछ समय पहले तक शुभमन गिल टी-20 फॉर्मेट में तूफानी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत कर रहे थे. हालांकि, गिल का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया और बाद में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. इसके बाद संजू सैमसन को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करने का मौका मिला. इस बदलाव ने सैमसन के करियर को एक नई दिशा दी. 

आंकड़ों में सैमसन की मजबूती

टी20 इंटरनेशनल में ओपनर के तौर पर संजू सैमसन का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है. उन्होंने 18 पारियों में तीन शतक लगाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 178 से ज्यादा और औसत करीब 33 का है. भारतीय ओपनरों में जिनके 500 या इससे अधिक टी20 रन हैं, उनमें सिर्फ अभिषेक शर्मा का स्ट्राइक रेट सैमसन से बेहतर है. इसके बावजूद सैमसन को कई बार अलग-अलग भूमिकाओं में खुद को ढालना पड़ा.

असफलताओं से सीखने की सोच

सैमसन ने अपने करियर को लेकर कहा कि पिछले दस सालों में उन्हें कई बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन इसी दौरान थोड़ी सफलता भी मिली. उन्होंने हमेशा यह समझने का प्रयास किया कि भारतीय टीम के लिए वर्ल्ड कप स्तर का खिलाड़ी बनने के लिए क्या जरूरी है. संजू सैमसन ने कहा कि मुझे अपने तरीके से बाहर जाकर असफल या सफल होना पसंद है.

वर्ल्ड कप और आगे की उम्मीद

2024 टी20 वर्ल्ड कप में खेलने का मौका न मिलने पर सैमसन ने माना कि हालात उनके मुताबिक नहीं थे, लेकिन फिर भी वह टीम का हिस्सा बनने को लेकर आभारी थे. ओपनिंग रोल मिलने पर उन्होंने कहा कि यह मौका अचानक मिला और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश की. अब अपनी पसंदीदा पोजिशन पर लौटकर संजू सैमसन एक बार फिर लय में आने और खुद को स्थायी ओपनर के तौर पर साबित करने की कोशिश करेंगे.