IPL 2026

SRH से हार के बाद हार्दिक की कप्तानी पर उठ रहे सवाल, क्या अगले सीजन रिलीज होंगे खिलाड़ी!

मुंबई इंडियंस के लिए IPL 2026 का सफर अब मुश्किल मोड़ पर पहुंच गया है. इस सीजन टीम जीत के लिए संघर्षों से जूझ रही है. अब तक टीम ने 8 मैच खेले हैं जिनमें से उन्हें 6 मैच में हार का सामना करना पड़ा है. इस संकट के बीच अब कप्तान हार्दिक पांड्या पर सवाल उठने लगे हैं.

ANI
Meenu Singh

मुंबई: मुंबई इंडियंस के लिए IPL 2026 का सफर अब मुश्किल मोड़ पर पहुंच गया है. इस सीजन टीम जीत के लिए संघर्षों से जूझ रही है. अब तक टीम ने 8 मैच खेले हैं जिनमें से उन्हें 6 मैच में हार का सामना करना पड़ा है. इस संकट के बीच अब कप्तान हार्दिक पांड्या पर सवाल उठने लगे हैं.

कभी टीम को खिताब दिलाने वाले पांड्या की अगुवाई में MI का प्रदर्शन इस सीजन बेहद निराशाजनक रहा है. कप्तान मैनेजमेंट की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे हैं, जोकि टीम प्रबंधन और फैंस दोनों के लिए चिंता का विषय है. टीम की ऐसी हालत के बाद अब एक बार फिर से हार्दिक को हटाने की मांग उठने लगी है. 

2024 में रोहित की जगह  बने थे कप्तान 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2024 में हार्दिक पांड्या को रोहित शर्मा की जगह कप्तानी सौंपी गई थी. जिसमें तब से ही उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.

हालांकि पिछले साल IPL 2025 में टीम प्लेऑफ तक पहुंची जरूर थी लेकिन फाइनल तक नहीं पहुंच पाई थी. वहीं 2026 में हालात और खराब हो गए हैं, जहां मुंबई इंडियंस ने आठ में से छह मैच गंवा दिए हैं और अब प्लेऑफ की राह बेहद कठिन हो गई है.

हार्दिक पांड्या को रिलीज करो....

मुंबई इंडियंस के ऐसे प्रदर्शन के बाद अब हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं. दरअसल एक चर्चा के दौरान न्यूजीलैंड के एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर साइमन डौल ने कहा कि 'अगले आईपीएल मेगा ऑक्शन से पहले एमआई को मौजूदा रिटेन किए गए खिलाड़ियों को रिलीज करना चाहिए'

उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि अगर टीम भविष्य में बदलाव चाहती है, तो यह तय करना होगा कि अगला कप्तान कौन होगा. उनका मानना है कि यदि पांड्या कप्तान नहीं रहने वाले, तो टीम को उन्हें रिलीज करने पर भी विचार करना चाहिए. 

क्या कप्तानी बोझ बन रही है?

डौल के अनुसार, कप्तानी की जिम्मेदारी पांड्या के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है. यह दबाव उन्हें बेहतर खेलने के लिए प्रेरित भी कर सकता है, या फिर उल्टा असर डाल सकता है. सवाल यही है कि क्या पांड्या खुद को फिर से उसी स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं, जहां वे एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में जाने जाते थे.

प्रदर्शन में आया गिरावट

इस सीजन में पांड्या का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी औसत रहा है. उन्होंने सात मैचों में सिर्फ 128 रन बनाए हैं और गेंदबाजी में भी केवल चार विकेट ही ले पाए हैं. यह आंकड़े उनके कद के खिलाड़ी के लिहाज से काफी कम माने जा रहे हैं. 

पांड्या का बयान

हार के बाद पांड्या ने माना कि टीम के पास सीमित विकल्प हैं और उन्हें बेहतर समाधान ढूंढना होगा. साथ ही उन्होंने किसी एक पर दोष डालने के बजाय कहा कि पूरी टीम अपने स्तर के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पा रही है.

अब मुंबई इंडियंस के लिए हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा हो गया है, और आने वाले मुकाबले तय करेंगे कि टीम इस संकट से उबर पाती है या नहीं.