National Sports Awards 2025: 2014 के बाद पहली बार खेल रत्न नहीं, 17 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड; 5 कोचों को द्रोणाचार्य सम्मान
2014 के बाद पहली बार किसी खिलाड़ी को खेल रत्न नहीं दिया गया. वहीं 17 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड मिला. द्रोणाचार्य पुरस्कार में पांच कोच और राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार में आर्मी पैरालंपिक नोड चुना गया.
खेल मंत्रालय ने 2025 के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. इस बार देश के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न के लिए किसी खिलाड़ी का चयन नहीं हुआ. वहीं अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले 17 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड दिया गया. कई कोचों को भी सम्मान मिला.
2014 के बाद पहली बार खेल रत्न की लिस्ट खाली
खेल पुरस्कारों की इस बार की सूची में सबसे बड़ी बात यह रही कि किसी भी खिलाड़ी को खेल रत्न नहीं दिया गया. 2014 के बाद यह पहली बार है, जबकि 1991-92 में शुरू हुए इस सम्मान के इतिहास में ऐसा सिर्फ तीसरी बार हुआ है. हॉकी खिलाड़ी हार्दिक सिंह का नाम पहले खेल रत्न के लिए सुझाया गया था लेकिन अंतिम सूची में उन्हें जगह नहीं मिली. ललित उपाध्याय, मनदीप सिंह और विवेक सागर प्रसाद जैसे खिलाड़ियों के नाम भी चर्चा में थे. तीरंदाज ज्योति वेन्नम और क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर को भी संभावित दावेदार माना जा रहा था. खेल रत्न के तहत 25 लाख रुपये, पदक और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है.
17 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड
खेल रत्न नहीं मिलने के बावजूद अर्जुन पुरस्कार की सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं. एथलेटिक्स से तेजस्विन शंकर, मुहम्मद अजमल वी और प्रियंका गोस्वामी को सम्मान मिला. बैडमिंटन में ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद, शतरंज में विदित गुजराती और दिव्या देशमुख तथा हॉकी में लालरेम्सियामी और राजकुमार पाल को चुना गया. शूटिंग में अखिल श्योराण और पैरा शूटिंग में रुद्रांश खंडेलवाल को सम्मान मिला. इसके अलावा कबड्डी खिलाड़ी सुरजीत और पूजा, रोवर अरविंद सिंह, बॉक्सर नरेंद्र, पैरा-एथलीट एकता भ्याण और डेफ शूटर धनुष श्रीकांत भी सूची में हैं. पूर्व फुटबॉलर आई. अरुमैनायगम को लाइफटाइम अर्जुन पुरस्कार दिया गया.
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द्रोणाचार्य पुरस्कार में पांच कोच
कोचिंग के क्षेत्र में भी इस बार कई लोगों को सम्मान मिला है. नियमित श्रेणी में एथलेटिक्स कोच परवीर सिंह, बॉक्सिंग कोच छोटे लाल यादव और शूटिंग कोच नेहा नंदकुमार चव्हाण को द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चुना गया. लाइफटाइम श्रेणी में बॉक्सिंग कोच धर्मेंद्र सिंह यादव और कुश्ती कोच वीरेंद्र कुमार को सम्मान मिला. वहीं खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने में योगदान के लिए पुणे स्थित आर्मी पैरालंपिक नोड को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया. इन पुरस्कारों की घोषणा पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर की गई.