माइलस्टोन्स मायने नहीं रखता...विराट कोहली ने मैच के बाद क्यों कहा ऐसा?

मैच बाद विराट कोहली ने कहा कि यह पाकिस्तान के खिलाफ पिछले दिन की तरह ही था. बस स्ट्राइक रोटेट करना क्योंकि इस पिच पर साझेदारी सबसे महत्वपूर्ण चीज है. उस दिन और आज मेरा एकमात्र प्रयास पर्याप्त साझेदारियां बनाना था.

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Gyanendra Sharma

विराट कोहली ने एक और आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट मैच में कमाल की पारी खेली है. ऑस्ट्रेलिया को भारत ने सेमीफाइल में हरा दिया है. इस मैच में कोहली टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए. विराट ने मुश्किल परिस्थितियों में 84 रन की पारी खेली. 

मैच बाद विराट कोहली ने कहा कि यह पाकिस्तान के खिलाफ पिछले दिन की तरह ही था. बस स्ट्राइक रोटेट करना क्योंकि इस पिच पर साझेदारी सबसे महत्वपूर्ण चीज है. उस दिन और आज मेरा एकमात्र प्रयास पर्याप्त साझेदारियां बनाना था. जब मैं आउट हुआ तो मेरी योजना 20 रन और बनाने की थी और कोशिश थी कि कुछ ओवर में ही मैच खत्म कर दूं. आमतौर पर मैं यही तरीका अपनाता हूं, लेकिन कभी-कभी आप वह नहीं कर पाते जो आप करना चाहते हैं. 

मायने नहीं रखता...

कोहली ने आगे कहा कि ये मैच दबाव का था, जो टीम इसे अच्छे से हैंडिल कर ली वो जीत गई. अपने इमोशन का कंट्रोल कर के खेलना अहम था. कोहली ने कहा मेरे लिए माइलस्टोन्स मायने नहीं रखता है.

श्रेयस और कोहली ने 91 रनों की साझेदारी की और उसके बाद अक्षर, राहुल और हार्दिक जैसे खिलाड़ियों ने उपयोगी योगदान दिया. भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरे समय लक्ष्य पर नियंत्रण बनाए रखा और 11 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया.

कोहली ने संभाली पारी

टारगेट का पीछा करते हुए टीम इंडिया की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही. ओपनर गिल और रोहित शर्मा जल्दी आउट हो गए. टीम ने 43 के स्कोर पर ही 2 विकेट गंवा दिए थे. फिर विराट कोहली जम गए और श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर 91 रनों की साझेदारी की. हालांकि विराट कोहली एक और शतक से चूक गए और 84 रन बनाकर आउट हो गए.