BWF World Championships: लक्ष्य भाई सुपरस्टार... पहला गेम हारने के बाद पलटा मैच, दिल्ली में दर्शकों ने लगाए नारे

लक्ष्य सेन ने दिल्ली में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के पहले राउंड में कॉलिन्स वेलेंटाइन फिलिमोन को हराया.

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Ashutosh Rai

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में मंगलवार को लक्ष्य सेन को घरेलू दर्शकों का जोरदार समर्थन मिला. पहले गेम में हवा के बहाव से परेशान लक्ष्य को ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी कॉलिन्स वेलेंटाइन फिलिमोन ने दबाव में रखा. हालांकि, भारतीय शटलर ने जल्द अपनी रणनीति बदली और लगातार दो गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम किया.

पहले गेम में हवा ने बढ़ाई लक्ष्य की परेशानी

लक्ष्य सेन के मैच से पहले ही स्टेडियम में उनके नाम के नारे सुनाई देने लगे थे. दिल्ली के दर्शकों ने उन्हें ‘लक्ष्य भाई सुपरस्टार’ और ‘लेट्स गो लक्ष्य’ जैसे नारों से खूब समर्थन दिया. मैच की शुरुआत भारतीय खिलाड़ी के लिए आसान नहीं रही. दुनिया के 128वें नंबर के कॉलिन्स वेलेंटाइन फिलिमोन ने पहले गेम में तेज खेल दिखाया और नेट के पास लगातार दबाव बनाया. दूसरी ओर, लक्ष्य हवा के बहाव को समझने में परेशान दिखे. 13-12 के स्कोर तक मुकाबला बराबरी का रहा, लेकिन इसके बाद फिलिमोन ने लगातार छह अंक जीतकर 19-12 की बढ़त बना ली. लक्ष्य पहला गेम 16-21 से हार गए.

दूसरे गेम में बदली रणनीति और लौटी लय

पहला गेम गंवाने के बाद लक्ष्य और उनके कोचिंग स्टाफ ने खेल की दिशा बदलने पर काम किया. दूसरे गेम में लक्ष्य ने शटल को ज्यादा ऊंचा और लंबा खेलना शुरू किया, जिससे लंबे कद वाले फिलिमोन को अपनी पसंद के शॉट खेलने का मौका कम मिला. 6-7 के स्कोर पर लक्ष्य ने डाइव लगाकर एक मुश्किल शॉट बचाया और पॉइंट अपने नाम किया. इसके बाद दर्शकों का उत्साह फिर लौट आया. लक्ष्य इंटरवल तक 11-8 से आगे हो गए और फिर उन्होंने लगातार दबाव बनाए रखा. उनकी मूवमेंट बेहतर हुई और रैलियों पर पकड़ मजबूत हो गई. फिलिमोन जवाब नहीं दे सके और लक्ष्य ने दूसरा गेम 21-8 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया.


निर्णायक गेम में लक्ष्य का एकतरफा दबदबा

तीसरे गेम में लक्ष्य सेन ने शुरुआत से ही मैच पर पूरा नियंत्रण बना लिया. उन्होंने तेजी से 14-1 की बड़ी बढ़त हासिल कर ली और इसके बाद फिलिमोन के लिए वापसी की कोई जगह नहीं बची. लक्ष्य ने अपने लिफ्ट पर नियंत्रण रखा और फ्लैट ड्राइव से बचते हुए ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी को लंबी रैलियों में उलझाया. इसी रणनीति से उन्होंने निर्णायक गेम 21-4 से जीत लिया और 45 मिनट में मैच अपने नाम कर लिया. लक्ष्य ने बताया कि पहले गेम में हवा के कारण उन्हें शॉट खेलने में हिचकिचाहट हो रही थी. बाद में उन्होंने अपने लिफ्ट और रैली पर बेहतर नियंत्रण पाया. वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले उन्होंने गुवाहाटी के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भी इसी तरह की परिस्थितियों में अभ्यास किया था.