जय शाह से ट्रॉफी लेते वक्त हरमनप्रीत कौर छूने लगीं पैर, वीडियो में देखें ICC चेयरमैन ने ऐसे जीता दिल
भारत के विमेंस वर्ल्ड कप बाद जब भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ट्रॉफी लेते हुए जय शाह के पैर छूने लगीं, तो आईसीसी चेयरमैन ने कुछ ऐसा किया कि सभी का दिल जीत लिया है.
नवी मुंबई: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को दक्षिण अफ्रीका को हराकर 2025 वनडे विश्व कप का खिताब जीत लिया. यह जीत टीम के लिए बहुत खास थी क्योंकि लीग स्टेज में तीन हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर पर सवाल उठ रहे थे.
हालांकि, नॉकआउट में उनकी रणनीति और बल्लेबाजी ने सबको गलत साबित कर दिया. ट्रॉफी लेने के दौरान एक भावुक पल ने सभी का ध्यान खींचा, जब हरमनप्रीत ने ICC चेयरमैन जय शाह के पैर छूने की कोशिश की. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
ट्रॉफी समारोह का भावुक क्षण
मंच पर ट्रॉफी लेते समय हरमनप्रीत कौर भावुक हो गईं. उन्होंने जय शाह के पैर छूने की कोशिश की, जो भारतीय संस्कृति में सम्मान का प्रतीक है. लेकिन जय शाह ने विनम्रता से उन्हें रोक लिया.
उन्होंने हरमनप्रीत का हाथ पकड़कर खड़ा किया और सम्मान दिखाया. यह दृश्य वीडियो में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जय शाह का यह व्यवहार सभी के दिल जीत गया.
यहां पर देखें जय शाह और हरमनप्रीत कौर का वीडियो-
जय शाह का महिला क्रिकेट में योगदान
जय शाह ने बीसीसीआई सचिव रहते हुए महिला क्रिकेट को मजबूत बनाने में बड़ा रोल निभाया. उन्होंने पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए समान मैच फीस की व्यवस्था की.
इससे महिला क्रिकेटरों को प्रोत्साहन मिला और खेल में समानता आई. हरमनप्रीत की यह कोशिश उनके प्रति कृतज्ञता दिखाती है. इसके अलावा शाह ने आईपीएल की तरह ही विमेंस प्रीमियर लीग की भी शुरुआत की थी.
विश्व कप जीत की कहानी
भारत ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को मात दी. लीग में इंग्लैंड से हार के बाद टीम ने सोच बदली. हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, "उस हार ने हमें बहुत कुछ सिखाया. हमने विज़ुअलाइजेशन और मेडिटेशन शुरू किया. पहले कुछ खिलाड़ी नहीं मानते थे, लेकिन बाद में सभी साथ आए. इससे हम मजबूत बने और जीत हासिल की."
आगे की राह
हरमनप्रीत ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है. टीम रात भर जश्न मनाएगी और बीसीसीआई की योजनाओं का इंतजार करेगी. यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए नई उम्मीद जगाती है. जय शाह और हरमनप्रीत का यह पल सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक बन गया.