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'मेरी स्मैश की रफ्तार झेल नहीं पाएंगे जसप्रीत बुमराह', KKR के प्लेयर ने सायना नेहवाल से लिया पंगा तो मिला करारा जवाब

Saina Nehwal Fiery Reply: कुछ समय पहले कोलकाता नाइट राइडर्स के उभरते हुए सितारे अंग्रिश राघुवंशी ने एक ट्वीट में बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल पर कटाक्ष किया था, जिसे बाद में हटा दिया गया था. हालांकि, साइना नेहवाल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

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India Daily Live

Saina Nehwal Fiery Reply: भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने हाल ही में क्रिकेट की लोकप्रियता पर तीखा प्रहार किया है. एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि क्रिकेट जितना आसान समझा जाता है, उतना आसान नहीं है, और अन्य खेलों को भी उतना ही महत्व दिया जाना चाहिए.

अंग्निश राघुवंशी के सवाल पर नेहवाल का तीखा जवाब

कुछ समय पहले कोलकाता नाइट राइडर्स के युवा खिलाड़ी अंग्रिश राघुवंशी ने एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल पर कटाक्ष किया था. हालांकि बाद में उन्होंने उस ट्वीट को डिलीट कर दिया था. अब साइना नेहवाल ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है.

पेरिस ओलंपिक में भारत के छह पदक जीतने के बावजूद चार चौथे स्थान पर रहने के बाद निराश साइना नेहवाल ने अन्य खेलों को ज्यादा समर्थन देने की मांग की थी. एक इंटरव्यू में उन्होंने क्रिकेट की लोकप्रियता पर भी सवाल उठाए थे.

बुमराह का सामना करने की दी थी चेतावनी

इसके जवाब में अंग्रिश राघुवंशी ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने साइना नेहवाल को जसप्रीत बुमराह की गेंद का सामना करने की चुनौती दी थी. हालांकि बाद में उन्होंने यह ट्वीट डिलीट कर दिया था.

अब साइना नेहवाल ने एक इंटरव्यू में कहा है कि क्रिकेट एक खतरनाक खेल नहीं है, जैसा कि कुछ लोग कहते हैं. उन्होंने कहा कि अगर वह आठ साल से क्रिकेट खेलती होतीं तो शायद जसप्रीत बुमराह की गेंद का सामना कर सकती थीं. उन्होंने कहा कि अगर जसप्रीत बुमराह उनके साथ बैडमिंटन खेलेंगे तो शायद वह उनकी स्मैश नहीं झेल पाएंगे.

क्रिकेट जितनी सुविधा दो, ज्यादा पदक मिलेंगे

साइना नेहवाल ने कहा कि हमें अपने ही देश में एक-दूसरे से नहीं लड़ना चाहिए. हर खेल का अपना महत्व है. लेकिन हमें अन्य खेलों को भी महत्व देना चाहिए. वरना हमें खेल संस्कृति कहां से मिलेगी? क्रिकेट और बॉलीवुड हमेशा हमारा फोकस रहेगा.

साइना ने कहा कि अगर हर खेल को क्रिकेट जितना ही समर्थन और सुविधाएं मिलें तो हमारे खिलाड़ी ओलंपिक में ज्यादा पदक जीत सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमारे पास कितने बैडमिंटन अकादमी हैं? और क्रिकेट में कितनी हैं? अगर बैडमिंटन में भी इतनी ही अकादमियां होतीं और अच्छी सुविधाएं होतीं तो हम भी अच्छे खिलाड़ी पैदा कर सकते थे.