'शर्मनाक': भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलकर केसरिया हुआ, पूर्व कप्तान ने पूछा क्यों?
भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पूर्व कप्तान विरेन रासकिन्हा ने इसे टीम की पहचान के खिलाफ बताया. वहीं हॉकी इंडिया ने इसे तिरंगे और बेहतर विजिबिलिटी से जुड़ा फैसला बताया.
भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी सामने आने के बाद खेल जगत में नई बहस शुरू हो गई है. पूर्व कप्तान विरेन रासकिन्हा ने इस बदलाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीम की असली पहचान हमेशा नीली जर्सी रही है. वहीं हॉकी इंडिया ने इस फैसले का खुलकर बचाव किया है.
नीली जर्सी छोड़ने पर पूर्व कप्तान ने जताई नाराजगी
भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी को लेकर पूर्व कप्तान विरेन रासकिन्हा ने खुलकर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी की पहचान हमेशा नीली जर्सी रही है और इसे बदलना सही फैसला नहीं है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उन्होंने कई वर्षों तक गर्व के साथ नीली जर्सी पहनी है और प्रशंसक भी टीम को इसी रंग में देखना पसंद करते हैं. रासकिन्हा ने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीति से नहीं बल्कि भारतीय हॉकी की विरासत और पहचान से जुड़ा है. बाद में उन्होंने साफ किया कि उनकी टिप्पणी का मकसद केवल खेल की परंपरा की बात करना था, किसी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनना नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि जैसे अर्जेंटीना फुटबॉल में अपनी पारंपरिक जर्सी के लिए पहचाना जाता है, वैसे ही भारत की हॉकी टीम की पहचान भी नीले रंग से जुड़ी रही है.
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हॉकी इंडिया ने बताया बदलाव का कारण
हॉकी इंडिया ने नई जर्सी का बचाव करते हुए कहा कि केसरिया रंग को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए क्योंकि यह भारत के तिरंगे का अहम हिस्सा है. महासंघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बदलाव समय के साथ जरूरी होते हैं और नई जर्सी में भारतीय संस्कृति, तिरंगे के रंग और आधुनिक डिजाइन को जगह दी गई है. अधिकारी ने यह भी बताया कि नीले हॉकी टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से खिलाड़ियों को दूर से पहचानना मुश्किल हो जाता है. इससे दर्शकों और टीवी पर मैच देखने वालों को खिलाड़ियों को साफ देख पाने में परेशानी होती है. उनका कहना है कि नई केसरिया जर्सी मैदान पर बेहतर कंट्रास्ट देगी और खिलाड़ियों की पहचान पहले से ज्यादा आसान होगी.
फैंस की राय बंटी
नई जर्सी को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की राय अलग-अलग देखने को मिली. कई लोगों ने रासकिन्हा का समर्थन करते हुए कहा कि भारत की सभी राष्ट्रीय खेल टीमों की मुख्य जर्सी का रंग एक जैसा होना चाहिए ताकि उनकी पहचान बनी रहे. कुछ लोगों ने याद दिलाया कि 2019 क्रिकेट विश्व कप में भी भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ केसरिया जर्सी पहनी थी, जिस पर काफी चर्चा हुई थी. वहीं कुछ प्रशंसकों ने नई जर्सी के डिजाइन की तारीफ भी की और कहा कि इसमें तिरंगे की झलक, नीले रंग की डिटेलिंग और भारतीय संस्कृति की पहचान अच्छी तरह दिखाई देती है.