भारत को हराने के लिए तैयार है साउथ अफ्रीका की युवा टीम! पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने दी चेतावनी
साउथ अफ्रीका की टीम भारत के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने वाली है. इस सीरीज से पहले अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने भारत को चेतावनी दी है.
नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम भारत दौरे पर है और इस बार उनकी टीम में कई नए चेहरे हैं. पूर्व दिग्गज बल्लेबाज हाशिम अमला का मानना है कि टीम की अनुभवहीनता ही भारत में जीत का राज बन सकती है.
हाशिम अमला का मानना है कि पुरानी हार का बोझ न होने से खिलाड़ी बेफिक्र होकर खेलेंगे. बता दें कि अफ्रीका को भारत के खिलाफ 2019 दौरे पर एक भी मैच में जीत नहीं मिली थी और उन्हें तीनों मैचों में हार का सामना करना पड़ा था.
भारत में दक्षिण अफ्रीका का पुराना रिकॉर्ड
भारत में दक्षिण अफ्रीका को हमेशा मुश्किलें झेलनी पड़ी हैं. उनकी आखिरी टेस्ट सीरीज जीत यहां 1999-2000 में आई थी, जब हांसी क्रोन्ये की टीम ने सचिन तेंदुलकर वाली भारतीय टीम को 2-0 से हराया था.
उसके बाद से एक भी सीरीज नहीं जीती. आखिरी टेस्ट जीत 2010 में नागपुर में मिली थी. 2019 के दौरे में हार का सामना करना पड़ा लेकिन इस बार कहानी बदल सकती है.
नई टीम नया जोश
टेम्बा बावुमा की कप्तानी वाली यह टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की मौजूदा विजेता है. टीम में ज्यादातर खिलाड़ी भारत में पहली बार खेलने आए हैं. सिर्फ पांच खिलाड़ी टेम्बा बावुमा, एडेन मार्करम, कगिसो रबाडा, सेनुरन मुथुसामी और जुबैर हमजा 2019 के दौरे का हिस्सा थे. बाकी सभी नए हैं.
हाशिम अमला ने एसए20 इंडिया डे कार्यक्रम में कहा, “टीम में कई नए खिलाड़ी हैं जो भारत पहली बार आए हैं. यह फायदा हो सकता है क्योंकि पुरानी जगह पर पुरानी यादें नहीं होतीं. कोई बोझ नहीं और उनका दिमाग भी शांत रहेगा. इससे दक्षिण अफ्रीका को मदद मिलेगी.”
अनुभव की कमी बन सकती है ताकत
आमतौर पर अनुभव की कमी को कमजोरी माना जाता है लेकिन अमला इसे ताकत बता रहे हैं. स्पिन ट्रैक का डर या पुरानी हार की यादें इस टीम को परेशान नहीं करेंगी. खिलाड़ी उत्सुकता और आत्मविश्वास से भरे हैं. वे खुद को साबित करने के लिए बेताब हैं. विश्व चैंपियन का खिताब उनके हौसले को और बढ़ा रहा है.
क्या बदलेगी किस्मत?
दक्षिण अफ्रीका की यह युवा टीम भारत में नई कहानी लिखने को तैयार है. अमला की बातों से साफ है कि पुराना बोझ न होने से खिलाड़ी खुलकर खेलेंगे. अब मैदान पर प्रदर्शन ही बताएगा कि क्या प्रोटियाज टीम उपमहाद्वीप में अपनी किस्मत बदल पाएगी.