IND vs SA: पहला टेस्ट बनेगा बल्लेबाजों की कब्रगाह! भारी बारिश के बाद तेज पिच की चुनौती से कैसे निपटेंगे बैटर?   

IND vs SA 1st Test: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले पहले टेस्ट मैच में बल्लेबाजों को परेशानी होने वाली है. इस टेस्ट मैच में अगर पिच ढकी रहती है, तो पहले बल्लेबाजी करना मुश्किल होगा.

Antriksh Singh

IND vs SA Test Series: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले पहले टेस्ट मैच में बल्लेबाजों को परेशानी होने वाली है. सुपरस्पोर्ट पार्क की पिच तेज गेंदबाजों को मदद करेगी, और ऊपर से बारिश का भी खतरा मंडरा रहा है. क्यूरेटर ब्रायन ब्लॉय ने बताया है कि पहले और दूसरे दिन शायद ही कोई खेल हो पाएगा. 

भारी के साए में मैच

भारी बारिश के कारण तापमान गिरने वाला है, जिससे स्पिनरों को भी ज्यादा मौके नहीं मिलेंगे. ब्लॉय ने कहा, "तापमान बहुत कम हो जाएगा, लगभग 20 डिग्री तक. अभी 34 डिग्री है, लेकिन गिरकर 20 तक आ जाएगा. मुझे नहीं पता कि पहले दिन खेल हो पाएगा या नहीं."

बल्लेबाजी करना मुश्किल

उम्मीद है कि तीसरे दिन थोड़ा खेल होगा और मौसम ठंडा रहेगा. 26 दिसंबर से शुरू होने वाले इस टेस्ट मैच में अगर पिच ढकी रहती है, तो पहले बल्लेबाजी करना मुश्किल होगा.

ब्लॉय ने कहा, "मैं भविष्यवाणी नहीं कर सकता, लेकिन अगर यह दो दिनों तक ढकी रहता है तो पहले बल्लेबाजी करना मुश्किल होगा. क्योंकि इतने लंबे समय से ढकी है और रोलिंग नहीं हुई है, इसलिए पता नहीं कि मौजूदा स्थिति में खेल के लिए मैदान को तैयार करने में कितना समय लगेगा."

स्पेशल सेंचुरियन विकेट

ब्लॉय का लक्ष्य एक स्पेशल सेंचुरियन विकेट तैयार करना है. उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि पिच की विशेषताओं को बनाए रखें, कुछ अलग या हटकर न करें. मैं चाहता हूं कि यह सेंचुरियन की परिस्थितियों के अनुसार एक स्पेशल हार्ड विकेट हो."

हालांकि, रविचंद्रन अश्विन के लिए कुछ बुरी खबर हो सकती है. क्योंकि बारिश होती है तो स्पिनरों को शायद ही मदद मिलेगी. 

सिर्फ इस शर्त पर मिलेगी स्पिनरों को मदद

क्यूरेटर ने कहा, "यह मुश्किल होगा, क्योंकि पहले और दूसरे दिन के लिए मौसम का पूर्वानुमान बहुत खराब है. अगर चार दिनों तक धूप रहेगी तो स्पिनरों को थोड़ी मदद मिलेगी, टर्न और उछाल मिलेगा, लेकिन मौसम का पूर्वानुमान कितना सटीक होगा, मुझे नहीं पता."

तो एक स्पेशल सेंचुरियन पिच कैसी होती है? 

ब्लॉय ने बताया, " सुपरस्पोर्ट पार्क विकेट पहले दिन धीमा होता है, थोड़ा नरम होता है और जैसे-जैसे समय बीतता है, थोड़ा तेज होता जाता है और बदलता जाता है."

अतीत में भारतीय टीम प्रबंधन द्वारा क्यूरेटर के काम में दखल देने की खबरें आई थीं, लेकिन ब्लॉय को कभी ऐसे मुद्दों का सामना नहीं करना पड़ा. बल्कि उनको हमेशा अच्छी पिचें तैयार करने के लिए पूरी छूट दी गई.

सुपरस्पोर्ट पार्क में क्ले कंटेंट पिच पर ज्यादा होता है. जिससे यहां पर बाउंस ज्यादा मिलना ही मिलना है.