Commonwealth Games 2026

जैसा बाप, वैसा बेटा: वल्लुरी अजय बाबू ने CWG 2026 में जीता सिल्वर, पिता की राह पर चलकर रचा नया इतिहास

वल्लुरी अजय बाबू ने Commonwealth games 2026 की 79 किग्रा वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार सिल्वर मेडल जीतकर भारत को एक और पदक दिलाया. उन्होंने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए पूरे देश का नाम रोशन किया.

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Ashutosh Rai

Glasgow में खेले जा रहे Commonwealth games 2026 में भारत के युवा वेटलिफ्टर वल्लुरी अजय बाबू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. 21 वर्षीय खिलाड़ी गोल्ड से सिर्फ एक किलो दूर रह गए लेकिन उनका प्रदर्शन भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हुआ.

पिता की राह पर बेटे ने रचा नया इतिहास

वल्लुरी अजय बाबू के लिए यह सिर्फ एक सिल्वर मेडल नहीं, बल्कि परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने वाला खास पल भी रहा. 16 साल पहले उनके पिता वल्लुरी श्रीनिवास राव ने दिल्ली Commonwealth games 2010 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. अब बेटे ने उसी मंच पर एक कदम आगे बढ़ते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया. आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के रहने वाले अजय बाबू ने कुल 330 किलोग्राम वजन उठाया. उन्होंने स्नैच में 149 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 181 किलोग्राम का सफल प्रयास किया. इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.


भारत के लिए बढ़ी उम्मीदें

अजय बाबू पिछले कुछ वर्षों से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने Commonwealth championship 2025 में गोल्ड जीतकर अपनी मजबूत पहचान बनाई थी. इससे पहले Commonwealth championship 2024 में जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं. ग्लासगो में मिला सिल्वर मेडल उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा. भारत के लिए यह वेटलिफ्टिंग में छठा पदक रहा और टीम का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. अजय बाबू ने दिखा दिया कि वह आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में देश के लिए गोल्ड जीतने की पूरी क्षमता रखते हैं.