काव्या मारन ने पाकिस्तानी खिलाड़ी पर लुटा दिए करोड़ों रुपए, बड़ी बोली लगाकर अपनी टीम में किया शामिल

ऑक्शन के दौरान सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को करीब 2.34 करोड़ की भारी भरकम रकम में खरीदा. यह फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद ग्रुप के स्वामित्व में है, जिसकी सह-मालकिन काव्या मारन है.

Anuj

नई दिल्ली: इंग्लैंड की 100 गेंदों की क्रिकेट लीग द हंड्रेड के ऑक्शन में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर चल रही चर्चाओं पर आखिरकार विराम लग गया. पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को एक ऐसी फ्रेंचाइजी ने खरीद लिया है, जिसका संबंध इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से भी है.

इस सौदे के बाद उन अटकलों पर भी रोक लग गई, जिनमें कहा जा रहा था कि IPL से जुड़े मालिक अपनी टीमों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल नहीं करेंगे.

काव्या ने अबरार अहमद को खरीदा

ऑक्शन के दौरान सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को करीब 2.34 करोड़ की भारी भरकम रकम में खरीदा. यह फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद ग्रुप के स्वामित्व में है, जिसकी सह-मालकिन काव्या मारन है. ऑक्शन से पहले मीडिया में ऐसी खबरें सामने आई थी कि IPL से जुड़े मालिक पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदने से बचेंगे, लेकिन सनराइजर्स लीड्स के इस फैसले ने इन सभी दावों को गलत साबित कर दिया. 

ट्रेंट रॉकेट्स और सनराइजर्स लीड्स के बीच होड़

ऑक्शन में बिकने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी उस्मान तारिक रहे. मिस्ट्री स्पिनर उस्मान को बर्मिंघम फीनिक्स ने करीब 1.72 करोड़ रुपए में खरीदा. हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा अबरार अहमद की डील को लेकर हुई. उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के लिए ट्रेंट रॉकेट्स और सनराइजर्स लीड्स के बीच होड़ लगी रही.

ऑक्शन से पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि जिन फ्रेंचाइजी मालिकों के पास IPL टीमें हैं, वे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदेंगे. द हंड्रेड की आठ टीमों में से चार टीमों के मालिक IPL से जुड़े हैं. इनमें MI लंदन, सनराइजर्स लीड्स, साउदर्न ब्रेव और मैनचेस्टर सुपर जायंट्स शामिल हैं. लेकिन अबरार अहमद की खरीद के बाद यह साफ हो गया कि ऐसी खबरों में सच्चाई नहीं थी.

बड़े खिलाड़ियों को खरीदार नहीं मिला

ऑक्शन के दौरान पाकिस्तान के कई बड़े खिलाड़ियों को अभी तक कोई खरीदार नहीं मिला. इनमें तेज गेंदबाज हारिस राउफ, ऑलराउंडर शादाब खान और युवा बल्लेबाज सैम अयूब शामिल हैं. वहीं, पाकिस्तान के स्टार तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी ने ऑक्शन शुरू होने से पहले ही अपना नाम वापस ले लिया था. इस ऑक्शन के बाद साफ हो गया है कि द हंड्रेड में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर लगाई जा रही अटकलों का कोई ठोस आधार नहीं था.