नफरत से शुरू हुआ सफर, आंसुओं पर खत्म हुआ: Lionel Messi और अर्जेंटीना की 21 साल की ये दस्तां जिसने सबको रुला दिया

मेसी की अर्जेंटीना की कहानी किसी इमोशनल रोलर कोस्टर से कम नहीं है. 2005 से शरू हुआ ये सफर, आज 31 अगस्त 2026 को खत्म हो गया. जर्सी जलने से लेकर लोगों की आंख से आंसू गिराने वाले इस खिलाड़ी ने अपने इस 21 साल के सफर में कभी भी हार नहीं मानीं... अंत में उम्र के आगे दुनिया का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी भी हार गया...

X
Ashutosh Rai

फुटबॉल के मैदान पर कुछ कहानियां सिर्फ आंकड़ों की नहीं होतीं, वे जज्बात, आंसुओं और कभी ना टूटने वाले हौसले की मिसाल होती हैं. अर्जेंटीना और लियोनेल मेसी का 21 साल का यह सफर 2005 से 2026 किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. एक ऐसा सफर, जिसमें कभी देश के गुस्से की आग में जर्सियां जलाई गईं, तो कभी करोड़ों आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. आइए, इस जादुई सफर की शुरुआत से लेकर अंत तक की पूरी दास्तां को महसूस करते हैं.

शुरुआत और पहला बड़ा झटका (2004–2005)

मेसी ने पहली बार अर्जेंटीना की नीली और सफेद जर्सी पहनी, तो उन्होंने 2005 के फीफा अंडर-20 वर्ल्ड कप में देश को चैंपियन बनाकर यह संकेत दे दिया था कि आने वाले कल का किंग कौन होगा. अगस्त 2005 में हंगरी के खिलाफ सीनियर टीम के लिए उनका डेब्यू किसी डरावने सपने जैसा था. मैदान पर उतरने के महज 47 सेकंड के भीतर ही उन्हें फाउल के चलते Red Card दिखा दिया गया और उन्हें रोते हुए मैदान से बाहर जाना पड़ा.


शुरुआत नफरत और जर्सियां जलाए जाने से हुई थी लेकिन अंत इतिहास के पन्नों पर इस तरह लिखा गया कि आज जब वह विदा हुए, तो पूरी दुनिया की आंखें नम कर गए. यही असली फुटबॉल है, और यही मेसी की अमर कहानी है.