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धूम्रपान नहीं ओरल सेक्स से हो रहा सबसे ज्यादा गले का कैंसर, भारत में क्या है स्थिति?

सरकार ने हाल ही में 14 साल की लड़कियों के लिए HPV टीकाकरण अभियान शुरू किया है, जो मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए है लेकिन यह टीका HPV से जुड़े दूसरे कैंसर- जैसे गले के कैंसर - से भी बचा सकता है.

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Sagar Bhardwaj

दशकों तक गले के कैंसर का सीधा संबंध धूम्रपान और तंबाकू से माना जाता रहा लेकिन अब एक नया खतरा सिर उठा रहा है- ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV). अमेरिका और ब्रिटेन जैसे पश्चिमी देशों में ओरल सेक्स के जरिए फैलने वाला यह वायरस गले के कैंसर का सबसे बड़ा कारण बन गया है, यहां तक कि उसने तंबाकू को भी पीछे छोड़ दिया है.

क्या है HPV और कैसे फैलता है?

HPV दुनियाभर में सबसे आम वायरल इन्फेक्शन में से एक है. यह मुख्य रूप से शारीरिक संपर्क, खासकर ओरल सेक्स के जरिए फैलता है. ज्यादातर मामलों में यह इन्फेक्शन अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन HPV-16 और HPV-18 जैसे हाई रिस्क स्ट्रेन शरीर में सालों तक बने रह सकते हैं और कैंसर का रूप ले सकते हैं.

फोर्टिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. बी. निरंजन नाइक बताते हैं, "अगर यह वायरस सालों तक शरीर में रहे तो यह कोशिकाओं के सामान्य कामकाज में बाधा डालता है और धीरे-धीरे कैंसर में बदल जाता है. यह प्रक्रिया 10 से 30 साल में पूरी होती है."

 भारत में क्या है स्थिति?

भारत में सिर और गर्दन के कैंसर का सबसे ज्यादा बोझ है. देश के सभी कैंसर मामलों में से एक-तिहाई सिर और गर्दन के ही होते हैं. हालांकि, यहां अब भी गले के कैंसर की मुख्य वजह तंबाकू, गुटखा और खैनी ही है. डॉक्टरों का कहना है कि पश्चिम की तुलना में भारत में HPV से जुड़े मामले कम हैं, लेकिन इनमें लगातार इजाफा हो रहा है.

चिंता की बात यह है कि अब ऐसे मरीज मिल रहे हैं - खासकर 40-50 साल के पुरुष - जिन्होंने कभी तंबाकू नहीं छुआ, फिर भी उन्हें गले का कैंसर हो रहा है. डॉक्टरों को शक है कि इसके पीछे HPV ही हो सकता है.

 गले के कैंसर के शुरुआती लक्षण

डॉक्टरों के मुताबिक, अगर कैंसर का पता जल्दी चल जाए तो इलाज संभव है. इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें:

- लगातार आवाज का भारी होना
- दो हफ्ते से ज्यादा गले में खराश
- निगलने में दिक्कत
- कान में दर्द
- गर्दन या गले में गांठ
- बिना वजह वजन कम होना

अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के डॉ. सुब्रमण्यम अय्यर कहते हैं, "सिर और गर्दन के 90% कैंसर जीवनशैली से जुड़े हैं. जल्दी पता चलने पर इलाज पूरी तरह संभव है. इसलिए लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है."

 क्या HPV टीका है कारगर?

सरकार ने हाल ही में 14 साल की लड़कियों के लिए HPV टीकाकरण अभियान शुरू किया है, जो मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए है लेकिन यह टीका HPV से जुड़े दूसरे कैंसर- जैसे गले के कैंसर - से भी बचा सकता है. अब विशेषज्ञ लड़कों के टीकाकरण की भी वकालत कर रहे हैं, क्योंकि HPV यौन संपर्क से फैलता है और दोनों लिंगों को प्रभावित करता है. जागरूकता ही बचाव का सबसे कारगर तरीका है.