ग्लोइंग स्किन के लिए Korean Products कितने सही? जानें फायदे और छिपे नुकसान
कोरियन स्किन केयर प्रोडक्ट्स में सेरामाइड्स, हाइलूरोनिक एसिड, पैंथेनॉल, सेंटेला एशियाटिका और नायसिनामाइड जैसे इंग्रीडिएंट्स पाए जाते हैं, जो हाइड्रेशन और स्किन बैरियर को सपोर्ट कर सकते हैं.
कोरियन स्किन केयर का ट्रेंड पिछले कुछ समय में तेजी से बढ़ा है. ग्लोइंग, हाइड्रेटेड और स्मूद स्किन के लिए लोग अलग-अलग तरह के कोरियन सीरम, क्रीम और दूसरे प्रोडक्ट्स आजमा रहे हैं. इन प्रोडक्ट्स में हाइलूरोनिक एसिड, सेरामाइड्स, नायसिनामाइड, पैंथेनॉल और सेंटेला एशियाटिका जैसे इंग्रीडिएंट्स काफी चर्चा में रहते हैं. लेकिन किसी प्रोडक्ट का लोकप्रिय होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह हर स्किन टाइप के लिए सही होगा.
एस्थेटिक फिजिशियन Dr Ritika के मुताबिक, कोरियन स्किन केयर की कई फॉर्मुलेशंस में स्किन को हाइड्रेट रखने और उसके बैरियर को सपोर्ट करने वाले इंग्रीडिएंट्स पर फोकस किया जाता है. हालांकि, प्रोडक्ट चुनते समय अपनी स्किन टाइप और उसकी संवेदनशीलता को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है.
कोरियन स्किन केयर में कौन से इंग्रीडिएंट्स होते हैं?
कोरियन स्किन केयर प्रोडक्ट्स में सेरामाइड्स का इस्तेमाल काफी किया जाता है. ये स्किन के बैरियर को सपोर्ट करने में मदद करते हैं. वहीं हाइलूरोनिक एसिड स्किन में नमी बनाए रखने में मदद करता है, जिससे चेहरा ज्यादा हाइड्रेटेड और प्लंप नजर आ सकता है.
पैंथेनॉल भी कई फॉर्मुलेशंस का हिस्सा होता है. यह स्किन को शांत करने और उसके बैरियर को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है. सेंटेला एशियाटिका, जिसे सिका भी कहा जाता है, संवेदनशील या इरिटेटेड स्किन को सूदिंग इफेक्ट देने में मदद कर सकती है. ग्लिसरीन भी स्किन को मॉइश्चर देने वाले इंग्रीडिएंट्स में शामिल है.
इसके अलावा नायसिनामाइड का इस्तेमाल भी कई प्रोडक्ट्स में किया जाता है. यह पिगमेंटेशन, ऑयल कंट्रोल और स्किन बैरियर को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है. ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट भी कुछ कोरियन फॉर्मुलेशंस में शामिल होता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं.
क्या इन प्रोडक्ट्स से साइड इफेक्ट हो सकते हैं?
कोरियन स्किन केयर प्रोडक्ट्स को पूरी तरह रिस्क-फ्री मानना सही नहीं होगा. किसी भी दूसरे स्किन केयर प्रोडक्ट की तरह इनमें मौजूद कुछ इंग्रीडिएंट्स भी संवेदनशील त्वचा पर परेशानी पैदा कर सकते हैं.
फ्रैगरेंस और एसेंशियल ऑयल्स कुछ लोगों में सेंसिटिविटी या इरिटेशन की वजह बन सकते हैं. वहीं स्ट्रॉन्ग एक्सफोलिएटिंग एसिड्स का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है. रेटिनल जैसे एक्टिव्स का ओवरयूज या कई एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को गलत तरीके से मिलाने पर भी जलन, रेडनेस और इरिटेशन हो सकता है.
अगर स्किन को बार-बार एक्सफोलिएट किया जाए तो उसका बैरियर प्रभावित हो सकता है. वहीं एक्ने-प्रोन स्किन पर बहुत ज्यादा हेवी या ओक्लूसिव प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से भी परेशानी बढ़ सकती है. इसलिए प्रोडक्ट खरीदते समय उन इंग्रीडिएंट्स से बचना चाहिए, जिनसे पहले एलर्जी या इरिटेशन की समस्या हो चुकी है.
कोरियन स्किन केयर से ग्लो जल्दी क्यों दिखता है?
कोरियन स्किन केयर रूटीन में आमतौर पर हाइड्रेशन और स्किन बैरियर को बनाए रखने पर काफी जोर दिया जाता है. इसके साथ सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल भी अहम माना जाता है. जब स्किन को पर्याप्त नमी मिलती है तो वह ज्यादा प्लंप और स्मूद दिखाई दे सकती है. इसी वजह से कई बार चेहरे पर ग्लो और बेहतर टेक्सचर का असर अपेक्षाकृत जल्दी नजर आने लगता है.
लेकिन जल्दी दिखाई देने वाला बदलाव हमेशा स्थायी नहीं होता. हाइड्रेशन से डलनेस कम दिख सकती है और त्वचा बेहतर नजर आ सकती है, लेकिन पिगमेंटेशन, एक्ने स्कार्स या रिंकल्स जैसी समस्याओं में सुधार के लिए ज्यादा समय लग सकता है. इसलिए सिर्फ तुरंत दिखने वाले ग्लो को लंबे समय का स्किन रिजल्ट नहीं समझना चाहिए.
10 स्टेप की स्किन केयर रूटीन जरूरी नहीं
कोरियन स्किन केयर का नाम सुनकर अक्सर 10 स्टेप वाली रूटीन का ख्याल आता है. हालांकि, अच्छी स्किन के लिए इतनी लंबी रूटीन जरूरी नहीं है. बेसिक स्किन केयर में कुछ जरूरी स्टेप्स को नियमित रूप से फॉलो करना ज्यादा महत्वपूर्ण है. सबसे पहले जेंटल और हाइड्रेटिंग क्लींजर का इस्तेमाल किया जा सकता है. बहुत ज्यादा एक्सफोलिएट करने वाले क्लींजर से बचना बेहतर है.
इसके बाद स्किन की जरूरत के अनुसार मॉइश्चराइजर लगाएं. दिन में सनस्क्रीन लगाना सबसे जरूरी स्टेप्स में से एक है. इसके लिए SPF 30 या 50 वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल किया जा सकता है. इसलिए स्किन केयर के लिए महंगे या ज्यादा प्रोडक्ट्स की संख्या बढ़ाने के बजाय एक आसान और नियमित रूटीन पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है.