शादीशुदा जिंदगी में अनजाने में की जाने वाली 5 गलतियां, जो रिश्ते में बढ़ा सकती हैं दूरी; जानें इन्हें सुधारने के तरीके
शादीशुदा जिंदगी में संवाद की कमी, शिकायतें और रोजमर्रा की जिम्मेदारियां रिश्ते को प्रभावित कर सकती हैं. विशेषज्ञ की सलाह से जानें पांच आम गलतियां और उन्हें सुधारने के आसान तरीके.
शादी को लंबे समय तक खुशहाल बनाए रखने के लिए प्यार और आपसी तालमेल के साथ संवाद, भावनात्मक सुरक्षा और एक-दूसरे को समझने की कोशिश भी जरूरी है. Family Process जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, बातचीत और भावनात्मक सुरक्षा में सुधार का संबंध रिश्ते से मिलने वाली संतुष्टि में बढ़ोतरी से पाया गया.
लॉस एंजिल्स की सेक्सोलॉजिस्ट और रिलेशनशिप थेरेपिस्ट डॉ. टैमी नेल्सन के मुताबिक, समय के साथ रिश्तों में बदलाव आता है. रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच पति-पत्नी कभी-कभी एक-दूसरे को समझने की कोशिश करना कम कर देते हैं. उन्होंने ऐसी पांच आम गलतियां बताई हैं, जो रिश्ते में दूरी बढ़ा सकती हैं.
1. यह मान लेना कि आप अपने पार्टनर को पूरी तरह जानते हैं
रिश्ते में एक-दूसरे के प्रति जिज्ञासा बनाए रखना बेहद जरूरी है. डॉ. नेल्सन के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अपने पार्टनर में दिलचस्पी दिखाता है और उसके विचारों को जानना चाहता है, तो इससे आकर्षण और जुड़ाव मजबूत हो सकता है.
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शादी के कई साल बाद भी पार्टनर की पसंद, इच्छाएं और भविष्य को लेकर सोच बदल सकती है. इसलिए यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि आप उन्हें पूरी तरह जानते हैं.
क्या करें? अपने पार्टनर से पूछें कि वे आजकल क्या सोच रहे हैं, उनकी नई इच्छाएं क्या हैं और भविष्य को लेकर उनके सपने क्या हैं. उनकी बातों को ध्यान से सुनें. इससे रिश्ते में नयापन बना रह सकता है.
2. मुश्किल मुद्दों पर बातचीत से बचना
पैसे, शारीरिक अंतरंगता या दूसरी संवेदनशील बातों पर चर्चा करना कई जोड़ों के लिए मुश्किल हो सकता है. विवाद से बचने के लिए इन विषयों को टालना कुछ समय के लिए आसान लग सकता है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से गलतफहमियां बढ़ सकती हैं.
डॉ. नेल्सन का कहना है कि केवल झगड़ा न होना मजबूत रिश्ते की निशानी नहीं है. अगर पति-पत्नी जरूरी मुद्दों पर बात ही नहीं करते, तो उनके बीच संवाद की कमी पैदा हो सकती है.
क्या करें? उन विषयों पर शांतिपूर्वक बातचीत शुरू करें, जिनसे आप असहज महसूस करते हैं. एक-दूसरे को दोष देने के बजाय अपनी भावनाओं और जरूरतों के बारे में बताएं. असहमति होने पर भी सम्मान बनाए रखें.
3. अंतरंग जीवन में केवल कमियां गिनाना
शारीरिक अंतरंगता से जुड़ी बातचीत में सिर्फ शिकायतों पर ध्यान देने से पार्टनर को बुरा लग सकता है और वह रक्षात्मक रवैया अपना सकता है. इससे समस्या सुलझने के बजाय तनाव बढ़ने की आशंका रहती है.
डॉ. नेल्सन के अनुसार, जो बातें रिश्ते में अच्छी चल रही हैं, उन्हें पहचानना और उनकी सराहना करना ज्यादा उपयोगी हो सकता है.
क्या करें? पार्टनर को बताएं कि आपको उनके साथ कौन-सी बातें अच्छी लगती हैं और किन अनुभवों से आप भावनात्मक रूप से करीब महसूस करते हैं. इसके बाद सम्मानपूर्वक बताएं कि आप रिश्ते में किस चीज की अधिक उम्मीद करते हैं. सकारात्मक बातचीत से आपसी समझ बेहतर हो सकती है.
4. रिश्ते को सिर्फ जिम्मेदारियों तक सीमित कर देना
घर चलाना, बिल भरना, बच्चों की देखभाल और दूसरी जिम्मेदारियां निभाना शादीशुदा जिंदगी का जरूरी हिस्सा हैं. लेकिन अगर पति-पत्नी का पूरा समय इन्हीं कामों में निकल जाए, तो रिश्ते में उत्साह और नयापन कम हो सकता है.
डॉ. नेल्सन इसे दो स्थितियों के रूप में समझाती हैं- 'मेंटेनेंस मोड' यानी रोजमर्रा की जिम्मेदारियां संभालना और 'एक्सपेंशन मोड' यानी साथ में नए अनुभव हासिल करना. दोनों के बीच संतुलन जरूरी है. बहुत ज्यादा व्यस्तता रिश्ते को नीरस बना सकती है, जबकि लगातार नई गतिविधियों में लगे रहने से आराम और भावनात्मक जुड़ाव के लिए समय कम पड़ सकता है.
क्या करें? साथ में घूमने जाएं, कोई नया शौक अपनाएं या ऐसी गतिविधि करें, जिसका आनंद दोनों को मिले. इसके साथ ही आराम करने और बिना किसी योजना के एक-दूसरे के साथ समय बिताने का अवसर भी निकालें.
5. प्यार और अपनापन महसूस करना, लेकिन जताना नहीं
कई बार व्यक्ति अपने पार्टनर के लिए प्यार और अपनापन महसूस करता है, लेकिन उसे शब्दों या व्यवहार से जाहिर नहीं करता. डॉ. नेल्सन के अनुसार, सकारात्मक भावनाओं को साझा करना रिश्ते में भावनात्मक नजदीकी बढ़ाने का एक आसान तरीका हो सकता है.
कभी-कभी छोटी-सी बात भी पार्टनर को खास महसूस करा सकती है. जैसे यह बताना कि उनके साथ समय बिताने से मन को शांति मिलती है या उन्हें देखकर खुशी होती है.
क्या करें? अपने पार्टनर की तारीफ करें, उन्हें धन्यवाद दें और समय-समय पर बताएं कि वे आपके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं. प्यार जताने के लिए हमेशा किसी खास मौके का इंतजार करना जरूरी नहीं है.
रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास जरूरी
डॉ. नेल्सन के मुताबिक, मजबूत रिश्ता बनाए रखने के लिए एक-दूसरे के प्रति जिज्ञासा, खुला संवाद और भावनाओं को साझा करने की इच्छा जरूरी है. समय के साथ लोगों की जरूरतें बदलती हैं, इसलिए पार्टनर को समझने की कोशिश भी जारी रहनी चाहिए. छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव शादीशुदा जिंदगी में आपसी विश्वास और संतुष्टि बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.