बार-बार जम्हाई आ रही है तो हो जाए सावधान! हल्के में न लें, ये कई गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत
वैज्ञानिकों का मानना है कि जम्हाई दिमाग के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है. जब ब्रेन ज्यादा गर्म हो जाता है या अपना तापमान संतुलित रखने में परेशानी महसूस करता है, तो जम्हाई के जरिए ठंडी हवा अंदर ली जाती है. इससे ब्रेन ठंडा होता है और उसकी कार्यक्षमता बनी रहती है.
क्या आप भी दिन में बार-बार जम्हाई ले रहे हैं? थकान या नींद की कमी को जिम्मेदार मानकर इसे अनदेखा कर रहे हैं? तो सावधानी बरतें. सामान्य तौर पर जम्हाई थकान, बोरियत या नींद आने का संकेत होती है, लेकिन अगर यह बिना वजह लगातार और ज्यादा मात्रा में आ रही हो तो ये दिमाग से जुड़ी कुछ गंभीर समस्याओं का खतरा बता सकती है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि जम्हाई दिमाग के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है. जब ब्रेन ज्यादा गर्म हो जाता है या अपना तापमान संतुलित रखने में परेशानी महसूस करता है, तो जम्हाई के जरिए ठंडी हवा अंदर ली जाती है. इससे ब्रेन ठंडा होता है और उसकी कार्यक्षमता बनी रहती है. लेकिन अगर जम्हाई बहुत ज्यादा और बिना किसी स्पष्ट कारण के आ रही हो, तो ये न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है.
क्लिनिकल रिसर्च में पाया गया है कि लगातार जम्हाई स्ट्रोक, मिर्गी (एपिलेप्सी) या ब्रेन में किसी घाव जैसी स्थितियों से जुड़ी हो सकती है. कुछ मामलों में यह फ्रंटल लोब सीज़र का हिस्सा भी हो सकता है. स्ट्रोक के मरीजों में खासकर इंसुला और कैउडेट न्यूक्लियस वाले हिस्सों में समस्या होने पर जम्हाई की संख्या बढ़ जाती है. ब्रेन स्टेम या टेम्पोरल लोब से जुड़ी समस्याओं में भी यह आम देखा गया है.
जम्हाई हमारे ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम (स्वायत्त तंत्रिका तंत्र) से भी गहरा संबंध रखती है. यह सिस्टम दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और पाचन जैसी अनैच्छिक गतिविधियों को नियंत्रित करता है. ज्यादा जम्हाई आने पर पैरासिम्पेथेटिक एक्टिविटी बढ़ जाती है, जो शरीर को आराम देने का संकेत है लेकिन अगर यह असंतुलन लंबे समय तक बना रहे तो ये चिंता का विषय बन सकता है. हालांकि हर बार जम्हाई खतरे की घंटी नहीं होती. कई बार यह नींद की कमी, ज्यादा काम की थकान, तनाव या कम ऑक्सीजन के कारण भी होती है.
लेकिन अगर जम्हाई के साथ ये लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें:-
चक्कर आना
कमजोरी महसूस होना
सोचने-समझने में दिक्कत
सिरदर्द या उल्टी जैसी समस्या
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जम्हाई दिन में कई बार बिना वजह आ रही हो या यह अचानक बहुत बढ़ गई हो, तो न्यूरोलॉजिस्ट से जांच करवानी चाहिए. एमआरआई, ईईजी या अन्य टेस्ट से सही कारण पता चल सकता है. जानकारों के अनुसार स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर भी कुछ हद तक इसे नियंत्रित किया जा सकता है – अच्छी नींद लें, व्यायाम करें, तनाव कम करें और संतुलित आहार लें. लेकिन अगर समस्या बनी रहे तो खुद से इलाज न करें, डॉक्टर की सलाह जरूर लें. बार-बार जम्हाई को नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है.