बिहार में युवाओं के लिए सुनहरा मौका, 1076 पदों पर निकली बंपर, जानिए कौन-कौन कर सकता है आवेदन
बिहार सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में 1076 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जिला और प्रखंड स्तर पर पद सृजित किए गए हैं और अधियाचना बीपीएससी व कर्मचारी चयन आयोग को भेज दी गई है.
बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है.अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में 1076 पदों पर नई बहाली होने जा रही है. विभाग ने इन पदों के लिए अधियाचना संबंधित आयोगों को भेज दी है. अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया बीपीएससी और बिहार कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से पूरी की जाएगी. इस फैसले से राज्य के हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा.
किन पदों पर होगी नियुक्ति?
इस बहाली में अलग अलग पद शामिल हैं. जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 6 पद, प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 487 पद तय किए गए हैं. इसके अलावा निम्नवर्गीय लिपिक के विभिन्न संवर्गों में कुल 546 पद शामिल हैं. छात्रावास प्रबंधक के 37 पदों पर भी नियुक्ति की जाएगी. इस तरह कुल 1076 पदों पर भर्ती होगी.
सरकार का लक्ष्य है कि हर प्रखंड तक अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए. इसी उद्देश्य से प्रत्येक प्रखंड में एक प्रखंड कल्याण पदाधिकारी की तैनाती की योजना बनाई गई है.
हर जिले में बनेगा आवासीय विद्यालय
मंत्री जमा खान ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक के लिए 22 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों का निर्माण अलग अलग जिलों में कराया जा रहा है. फिलहाल दरभंगा और किशनगंज में दो विद्यालय संचालित हो रहे हैं. अप्रैल तक कटिहार, जमुई, कैमूर, नालंदा और मुजफ्फरपुर में भी नए विद्यालय तैयार हो जाएंगे. इसके बाद इन स्कूलों की संख्या सात हो जाएगी. आगे हर जिले में ऐसे विद्यालय स्थापित करने की योजना है.
बिहार उन राज्यों में शामिल हो गया है जहां अल्पसंख्यक आवासीय कल्याण विद्यालयों का विस्तार तेजी से हो रहा है. इससे दूरदराज के छात्रों को बेहतर शिक्षा और आवास की सुविधा मिलेगी.
मदरसों में शुरू हो रहा स्मार्ट क्लास
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया है. राज्य के 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की जा चुकी है. जल्द ही यह सुविधा सभी मदरसों में लागू करने की योजना है. इसके साथ ही छात्र छात्राओं को रोजगार से जोड़ने के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं. बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से अनुदानित 9 मदरसों और मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में कुल 10 केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. इन केंद्रों में पांच तकनीकी कोर्स पहले से संचालित हैं. आने वाले समय में अन्य कोर्स भी जोड़े जाएंगे ताकि छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें.
युवाओं के लिए सुनहरा मौका
बिहार सरकार का यह कदम रोजगार और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकता है. एक तरफ 1076 पदों पर बहाली से युवाओं को सरकारी नौकरी का मौका मिलेगा, तो दूसरी तरफ आवासीय विद्यालय और स्मार्ट क्लास जैसी पहल से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा. अब युवाओं की नजर भर्ती प्रक्रिया पर टिकी है. जैसे ही आयोग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी होगी, आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. यह बहाली बिहार के हजारों अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है.