'लड़ाई तुमने शुरू की, खत्म हम करेंगे', ईरान की इजरायल-अमेरिका को खुली चेतावनी

ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यदि हमला जारी रहा तो इतनी मिसाइलें दागी जाएंगी कि अमेरिका और इजरायल की रक्षा प्रणाली उन्हें रोक नहीं पाएगी. इस बयान ने पहले से बढ़े तनाव को और गंभीर बना दिया है.

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Sagar Bhardwaj

इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद तेहरान की ओर से पहला तीखा बयान सामने आया है. ईरान ने साफ कहा है कि लड़ाई की शुरुआत इजरायल और अमेरिका ने की है, लेकिन इसका अंत ईरान करेगा. ईरानी नेताओं ने चेतावनी दी है कि जवाबी कार्रवाई की तैयारी पूरी है और जल्द ही दोनों देशों को कड़ा सैन्य जवाब दिया जाएगा.

ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यदि हमला जारी रहा तो इतनी मिसाइलें दागी जाएंगी कि अमेरिका और इजरायल की रक्षा प्रणाली उन्हें रोक नहीं पाएगी. इस बयान ने पहले से बढ़े तनाव को और गंभीर बना दिया है.

संसद की सुरक्षा समिति का आरोप

ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख ने आरोप लगाया कि इजरायल ने ईरान के सर्वोच्च नेता के सरकारी आवास को निशाना बनाया. उनके अनुसार वहां कई मिसाइलें दागी गईं, लेकिन शीर्ष नेतृत्व सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि इजरायल ने ऐसा रास्ता चुना है जिसका अंत उसके नियंत्रण में नहीं होगा और परिणाम उसे तथा उसके सहयोगी अमेरिका को भुगतना पड़ेगा. ईरानी नेतृत्व का कहना है कि देश की संप्रभुता पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर हमले का जवाब दिया जाएगा.

 अमेरिका का पक्ष और आरोप

उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान में सैन्य अभियान इसलिए शुरू किए क्योंकि ईरानी शासन वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है. उनका कहना है कि ईरान की गतिविधियां अमेरिकी नागरिकों, सैनिकों और सहयोगी देशों के लिए जोखिम पैदा करती हैं.

ट्रंप ने ईरान पर परमाणु हथियार बनाने की महत्वाकांक्षा रखने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में उसे परमाणु शक्ति बनने नहीं देगा. उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईरान ने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम नहीं रोका तो अमेरिका उसकी सैन्य क्षमता को नष्ट करने के लिए कदम उठाएगा.

 मध्य पूर्व में बढ़ता युद्ध खतरा

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तेज होते बयान और सैन्य कार्रवाई के संकेतों ने पूरे मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है. विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष पीछे नहीं हटे तो यह टकराव क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है.

कुल मिलाकर हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और दोनों पक्षों के सख्त रुख से तनाव कम होने के बजाय बढ़ता दिख रहा है. आने वाले दिनों में यह संकट किस दिशा में जाएगा, इस पर दुनिया की नजर बनी हुई है.