Dancing Plague: 400 लोगों की नाचते-नाचते क्यों हो गई थी मौत, बिना गाजे-बाजे के साथ नॉनस्टाफ नाचने लगते थे लोग?

Mysterious Events in History: 1518 की गर्मियों में स्ट्रासबर्ग की गलियों में एक अजीब नृत्य का मंजर था, जहां लोग बेखौफ होकर नाचते रहे, कुछ तो नाचते-नाचते ही जान गंवा बैठे. यह क्या था?

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Ritu Sharma

Mysterious Events in History: 1518 की गर्मियों में फ्रांस के स्ट्रासबर्ग शहर में एक रहस्यमयी घटना ने सबको हैरान कर दिया था. यहां लोग सड़कों पर बिना किसी संगीत के अचानक नाचने लगे और यह सिलसिला एक दिन, दो दिन नहीं, बल्कि कई हफ्तों तक चला. हालात इतने बिगड़े कि लोग थकावट, भूख और पानी की कमी से मरने लगे.

एक महिला से शुरू हुई मौत की यह लहर

यह सब तब शुरू हुआ जब फ्राउ ट्रोफिया नाम की एक महिला अचानक सड़कों पर नाचने लगी. वह बिना रुके एक हफ्ते तक नाचती रही. धीरे-धीरे और लोग भी इस अजीबोगरीब नाच में शामिल होते गए. अगस्त तक करीब 400 लोगों की मौत इस 'डांसिंग प्लेग' के चलते हो चुकी थी.

इलाज नहीं, बल्कि मंच और संगीत मिला

वहीं स्थिति को समझने के बजाय स्थानीय प्रशासन ने इसके लिए मंच और संगीत तक की व्यवस्था कर दी ताकि लोग 'आराम से' नाच सकें. यहां तक कि प्रोफेशनल डांसर्स भी बुलाए गए, लेकिन कोई नहीं समझ पाया कि लोग मर क्यों रहे हैं.

मिडिवल फिसिशन्स ने इसका कारण 'वार्म ब्लड' बताया, जबकि कई लोगों ने इसे सेंट विटस नामक संत के श्राप से जोड़ा. एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार, यह घटना शायद धार्मिक सुपरस्टीशन और महामारी व अकाल की मानसिक दहशत से उपजे सामूहिक मेनिया का नतीजा थी.

इतिहास में दर्ज रह गई एक मिस्टीरियस ट्रेजेडी

ऐसा पहली बार नहीं हुआ था. इससे पहले भी यूरोप में इस तरह के डांस की घटनाएं सामने आ चुकी थीं. लेकिन स्ट्रासबर्ग की घटना सबसे ज्यादा भयावह और चर्चित बन गई.